
राजीव सोनी- भोपाल। केरल का प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर भी अब महाकाल लोक उज्जैन की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। केंद्र सरकार ने इस संबंध में रुचि दिखाई है। 800 साल पुराने इस मंदिर के आसपास के क्षेत्र को विकसित करने के लिए सबरीमाला नगर पालिका (पंडलम) ने करीब 500 करोड़ रुपए लागत की प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी तैयार कराई है। सबरीमाला नगर पालिका और मंदिर से जुड़े अधिकारियों की एक टीम ने उज्जैन का भ्रमण कर सरकार से प्रोजेक्ट की जानकारियां भी एकत्र की हैं। केरल में भाजपा का दायरा बढ़ाने के उद्देश्य को लेकर मोदी सरकार ने सबरीमाला मंदिर के जीर्णोद्धार से नई मुहिम शुरू की है। सबरीमाला मंदिर से और यहां विराजित भगवान अयप्पा ब्रह्मचारी के प्रति लाखों लोगों की असीम श्रद्धा है।
महाकाल लोक देखने आई टीम
पंडलम की अध्यक्ष सुशीला संतोष और उपाध्यक्ष राम्या यू ने ‘पीपुल्स समाचार’ को विशेष मुलाकात के दौरान बताया कि दो दिन पहले उन्होंने अपने अधिकारियों के साथ महाकाल लोक का भ्रमण किया। इसी तर्ज पर सबरीमाला मंदिर के विकास की योजना बनाई जा रही है।
सबरीमाला में आईटी पार्क का ऐलान
यह दल भोपाल में केंद्रीय राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर से भी मिला। केंद्रीय मंत्री ने ऐलान किया कि सबरीमाला में आईटी पार्क बनाया जाएगा। उन्होंने मंदिर कॉरिडोर प्रोजेक्ट पर भी चर्चा की।
इसलिए है भाजपा की नजर
केरल के 87 स्थानीय निकायों में से 2 पलक्कड और पंडलम पर भाजपा का कब्जा है। पंडलम के अंतर्गत सबरीमाला मंदिर आता है। इसके माध्यम से भाजपा इस क्षेत्र में अपने जनाधार बढ़ाना चाहती है।
महाकाल लोक की विशेषताएं
- महाकाल लोक के नाइट गार्डन में भगवान शिव की लीलाओं पर आधारित 190 मूर्तियां हैं।
- 108 स्तंभ स्थापित हैं, जिन पर भगवान शिव और उनके गणों की विभिन्न मुद्राएं बनी हुई हैं।
- परिसर में 18 फीट की 8 प्रतिमाएं हैं, जिसमें समुद्र मंथन भी शामिल है।