
प्रीति जैन। पचमढ़ी मैराथन का छठवां एडिशन 21 जुलाई को आयोजित होने जा रहा है। इस मैराथन में लगभग 1000 रनर्स भाग लेंगे, जो कि 10 किमी, 21 किमी और फुल मैराथन 42 किमी में रनिंग करेंगे। यह कठिन दौड़ होगी जिसमें 1000 मीटर की ऊंचाई हासिल करना होगी। पचमढ़ी मैराथन को लेकर भोपालाइट्स में भी जमकर उत्साह देखा जा रहा है और अलसुबह पार्टिसिपेंट्स रनिंग प्रैक्टिस के लिए निकल रहे हैं। कोई ट्रैफिक से बचते हुए रनिंग करने के लिए रात 3.30 बजे से प्रैक्टिस शुरू कर देता है तो कोई 6 बजे वन-विहार रोड पर रनिंग के लिए पहुंच रहा है।
इस बार बच्चे भी अपने पैरेंट्स के साथ 10 किमी की रनिंग में भाग ले रहे हैं। वहीं कई फैमिलीज भी एक साथ मैराथन में अलग-अलग कैटेगरी में भाग ले रही हैं। युवा महिलाओं से लेकर 50 प्लस महिलाएं भी मैराथन की तैयारी में जुटी हैं और इसके लिए जमकर मेहनत कर रहीं हैं। महिलाओं के लिए अलग से कैटेगरी भी है, जिसमें वे भाग ले सकती है। इसके लिए भी रजिस्ट्रेशन ओपन हैं।
42 किमी की मैराथन में लूंगी भाग, रात 3.30 बजे से करती हूं प्रैक्टिस
मुझे 21 किमी की मैराथन का एक्सपीरियंस है तो मैं इस बार पचमढ़ी मैराथन में 42किमी की रनिंग करूंगी जो कि फुल मैराथन है। मैंने पिछले साल भी इस मैराथन में भाग लिया था। मेरा बचपन से ही स्पोर्ट्स में रूझान रहा है और मैं एनसीसी में भी रही हूं जिसकी वजह से मुझे एक्टिव लाइफस्टाइल पसंद है। यही वजह है कि मैं रनिंग प्रैक्टिस के लिए रात को 3.30 बजे निकल जाती हूं। इस समय ट्रैफिक भी कम रहता है और फ्रेश एयर मिलती है। रनिंग के लिए डाइट का भी खास ध्यान रखना होता है क्योंकि प्रोटीन रिच फूड की जरूरत होती है। इसके अलावा प्री व पोस्ट वर्कआउट भी करती हूं ताकि कोई इंजुरी न हो। रनिंग प्रैक्टिस करने के लिए अचानक दौड़ना शुरू नहीं करना चाहिए बल्कि इसके लिए एक्सपर्ट गाइडेंस में पूरा प्लान बनता है। – गार्गी बंसोड़े, मैराथन रनर
पापा के साथ करूंगा 10 किमी की रनिंग
मेरा पापा अर्चित सिंह परिहार रेगुलर मैराथन में भाग लेते हैं, उन्हें देखकर मुझे लगा कि मैं भी कोशिश करूं। पापा के साथ स्वीमिंग करता हूं तो स्टेमिना बिल्ड-अप हो गया है। मैं वीकएंड्स पर पापा के साथ 10 किमी तक रनिंग करता हूं। पचमढ़ी मैराथन में भी 10 किमी की रनिंग करूंगा, हालांकि मेरी वजह से पापा को 21 किमी की कैटेगरी छोड़कर 10 किमी में दौड़ना होगा। इसके अलावा में भोपाल मे होने वाली कई मैराथन में भी भाग ले चुका हूं । – आराध्य देव सिंह, यंग रनर
पेशेंट ने किया मोटिवेट
मैंने एक साल से मैराथन की तैयारी शुरू की है। मुझे यह मोटिवेशन मेरी दिल्ली की एक पेशेंट से मिला। खास बात यह रही कि पहली बार की रनिंग में मुझे मेडल जीतने का मौका मिला। इसके बाद पिंक मैराथन, भगत सिंह मैराथन भी पूरी की। अब मैं पहली बार पचमढ़ी मैराथन में 10 किमी की रनिंग करने वाली हूं, हालांकि स्टेमिना 21 किमी का है लेकिन पहली बार वहां रनिंग करूंगी इसलिए कम दूरी की कैटेगरी चुनी है। -डॉ. कामिनी सोनी, रनर