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Rudraksh Mahotsav : कुबेरेश्वर धाम में रुद्राक्ष वितरण रोका, दो महिला और एक बच्चे की मौत; पं. पंडित प्रदीप मिश्रा बोले- सालभर मिलेंगे रुद्राक्ष

भोपाल/सीहोर। कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के सीहोर स्थित कुबेरेश्वर धाम में सात दिवसीय रुद्राक्ष महोत्सव और शिव महापुराण कथा के पहले दिन यानि गुरुवार को कुबेरेश्‍वर धाम पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ा और हालात बिगड़ गए। वहीं शुक्रवार को दूसरे दिन भी कुबेरेश्‍वर धाम में श्रद्धालुओं का तांता लगा है। भीड़ इतनी कि पैर रखने तक की जगह नहीं है। कुबेरेश्वर धाम में तीन साल के बच्चे, दो महिलाओं समेत तीन मौतें हो चुकी हैं, जबकि 73 लोग बीमार हुए हैं।

रुद्राक्ष के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु सुबह से ही लाइन में लगे हैं। भारी भीड़ के चलते रुद्राक्ष का वितरण रोक दिया गया है। व्यवस्था सुधरने तक रुद्राक्ष वितरण नहीं होगा, लेकिन लोग कुबेरेश्वर धाम लौटने वाले से ज्यादा आने वाले नजर आ रहे हैं। रुद्राक्ष नहीं मिलने पर देशभर से आए लोग खाली हाथ लौटने लगे। पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि अब महोत्सव के बजाय सालभर रुद्राक्ष मिलेंगे।

कुबेरेश्वर धाम में हुई तीन की मौत

  • कुबेरेश्वर धाम में आयोजित रुद्राक्ष महोत्सव में महाराष्ट्र के जलगांव के रहने वाले विवेक विनोद भट्ट अपनी पत्नी और दो बेटों के साथ गुरुवार को धाम पहुंचे थे। उनके 3 साल के बेटे अमोघ भट्‌ट की तबीयत पहले से थोड़ी गड़बड़ थी। गाड़ी की सुविधा नहीं होने से वे पैदल ही आए और रास्ते में बच्चे की तबीयत और बिगड़ गई। इसके बाद बच्चे को जिला अस्पताल के ICU में भर्ती कराया। जहां शुक्रवार सुबह डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया।
  • इस बीच एक अन्य महिला की मौत भी जिला अस्पताल में हो गई। अकोला की रहने वाली 40 वर्षीय मंगला गुरुवार शाम को चक्कर खाकर गिर पड़ी थीं। उन्हें जिला अस्पताल लेकर आए थे, जहां देर रात उनकी मौत हो गई।
  • इससे पहले गुरुवार दोपहर को भी मालेगांव की रहने वाली 50 वर्षीय मंगला बाई ने भी दम तोड़ दिया था।
  • अनेक लोग बीमार हुए हैं और कई लोग अपनो से बिछड़ गए हैं।

भोपाल-इंदौर हाईवे पर जाम के हालात नहीं

रुद्राक्ष वितरण के कारण गुरुवार को भोपाल-इंदौर हाईवे पर घंटों जाम लगा रहा। इस मार्ग पर राहगीरों को 5 से 7 घंटे तक रुकना पड़ा। इसी तरह भोपाल से इंदौर जाने वाले और इंदौर से भोपाल आने वाले हजारों लोग प्रभावित हुए। गुरुवार को भोपाल-इंदौर रोड पर भारी जाम लगा था, लेकिन रात से सुबह तक पुलिस ने पूरा जाम खुलवा दिया है। भोपाल-इंदौर रोड पर और इंदौर रोड पर यातायात चल रहा है।

अव्यवस्थाओं का आलम

  • शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों ने श्रद्धालुओं से भोजन और पानी के कई गुना दाम वसूले।
  • कई ग्रामीणों ने तो अपने घरों को गेस्ट रूम बनाकर हजारों रुपए की वसूली की।
  • भोपाल से कुबेरेश्वर धाम जाने वाले मार्ग पर क्रिसेंट चौराहे से पहले तक जाम में लोग फंसे रहे।
  • इंदौर से आने वाले मार्ग पर भी 15 किमी तक जाम लगा रहा।
  • लोगों को 10-15 किमी तक पैदल चलना पड़ा।

भगवान शंकर आपकी मनोकामनाएं पूरी करें : मिश्रा

कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने शुक्रवार को श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोग यहां आए हैं, भगवान शंकर आप सब की मनोकामनाएं पूरी करें, मेरी भी यही विनती है। हमारे यहां 10 बजे से भोजन शुरू होकर 7 बजे तक चलता है, घबराने की आवश्यकता नहीं है। यहां 22 कुओं का पानी आ रहा है। कभी लाइट चले जाने पर थोड़ी बहुत दिक्कत हो जाती है, इसके लिए क्षमा चाहता हूं।

हालांकि, कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने गुरुवार को कहा था कि जो लोग कुबेरेश्वर धाम रुद्राक्ष के लालच में आ रहे हैं, तो वे न आएं। टिकट कैंसिल करा लें। रुद्राक्ष के लिए आने की आवश्यकता नहीं है।

 

लोगों को सोने के लिए भी नहीं मिल रही जगह

रुद्राक्ष पाने के लिए लोग दिन में जद्दोजहद कर रहे हैं तो वहीं रात में भी उन्हें चैन नहीं मिल पा रहा है। कुबेरेश्वर धाम समिति को करीब 5 से 6 लाख लोगों के आने की उम्मीद थी, जिसे देखते हुए उन्होंने तैयारियां की थी, लेकिन उम्मीद से ज्यादा लोगों के पहुंचने के चलते हालात बिगड़ गए हैं। लोगों के लिए बनाया गए डोम में पूरी तरह से फुल हो गए, जिसके चलते लोगों को खुले में ही साड़ी और साथ लाए गए चादर बिछाकर रात काटनी पड़ी।

पहले दिन पहुंचे लाखों लोग

कुबेरेश्वर धाम में 24 लाख रुद्राक्ष वितरण के लिए शुरू हुए महोत्सव के पहले दिन गुरुवार को करीब 7 लाख लोग पहुंचे, जिससे भगदड़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए। कई श्रद्धालु घायल हो गए। बाद में उन्हें प्राथमिक इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। फलस्वरूप प्रशासन ने रुद्राक्ष वितरण रोक दिया। सीएम शिवराज सिंह चौहान का दौरा भी निरस्त कर दिया गया।

अनुमान से अधिक लोग पहुंचे : कलेक्टर

सीहोर कलेक्टर प्रवीण सिंह का कहना है कि कुबरेश्वर धाम में रुद्राक्ष वितरण का कार्यक्रम 5 दिन के लिए है। संभावना थी कि इतने दिनों में 8-10 लाख लोग आएंगे, लेकिन पहले दिन ही आ गए। इससे भीड़ बढ़ गई। कार्यक्रम स्थल पर भगदड़ की स्थिति नहीं रही। वैसे अब 40 प्रतिशत श्रद्धालु अपने घरों को लौट गए हैं। जल्द ही स्थिति सामान्य होगी। प्रशासन पूरी निगरानी रखे हुए हैं।

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क्यों खास है इस रुद्राक्ष में ?

हिन्दू धर्म का पालन करने वालों में रुद्राक्ष का विशेष महत्व होता है। रुद्राक्ष को भगवान शिव से जोड़ कर देखा जाता है, जो भी व्यक्ति रुद्राक्ष पहनता है, उसके खराब ग्रह सुधर जाते हैं और शुभ फल देने लगते हैं। रुद्राक्ष धारण करने से दिल संबंधित बीमारियां, तनाव, चिंता, ब्लड प्रेशर आदि को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।

पंडित प्रदीप मिश्रा ने बताया कि कुबरेश्वरधाम के रुद्राक्ष भोपाल विज्ञान केंद्र और इंदौर विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक जांच के लिए गए थे। रिपोर्ट आई तो पता चला कि रुद्राक्ष में नेपाल स्थित गंडकी नदी का पानी मिला हुआ है। इसे औषधीय माना जाता है। रुद्राक्ष को पानी में डालकर रखा जाए और उस पानी को लोगों को पिला दें तो रोगी की बीमारियां दूर हो जाती हैं।

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