
संतोष चौधरी-भोपाल। भीषण गर्मी के दौर में पंखे, कूलर और एसी के अत्यधिक उपयोग ने बिजली की डिमांड बढ़ा दी है। सरकार लोगों को गर्मी से राहत दिलाने के लिए निजी कंपनियों से 10 रुपए प्रति यूनिट बिजली खरीदकर मुहैया करा रही है। शनिवार को प्रदेश में करीब 14 हजार मेगावाट बिजली की खपत थी, जो इस सीजन में सर्वाधिक है। कंपनियों ने 31.1 करोड़ यूनिट बिजली की सप्लाई की। इसमें से आधी से ज्यादा बिजली निजी कंपनियों और एनटीपीसी से खरीदी गई। यह पिछले साल इसी दिन के मुकाबले 4.2 करोड़ यूनिट ज्यादा रही। पिछले साल 25 मई को 26.8 करोड़ यूनिट बिजली सप्लाई की गई थी। हालांकि मप्र के सभी पॉवर प्लांट चालू स्थिति में हैं।
दोपहर में 4 रुपए, शाम को 10 रुपए प्रति यूनिट खरीदी
सरकार का निजी बिजली कंपनियों से कम रेट पर अनुबंध है। ग्रिड में बिजली की उपलब्धता के आधार पर रेट हर 10-15 मिनट में बदल जाते हैं। ग्रिड में 50 प्रतिशत से ज्यादा बिजली है, तो सस्ती और 50% से कम है तो महंगी। सरकार ने दोपहर में 4 रु. तो शाम को 10 रु. दर से बिजली खरीदी।
किसके साथ किस रेट पर अनुबंध
कंपनी प्रति यूनिट (रुपए में)
जेपी 2.90
रिलायंस सासन 1.63
एनटीपीसी 2.67
विंध्याचल 2.34
एनपी पॉवर 4.47
झाबुआ पॉवर 4.56
अमरकंटक
(सरकारी यूनिट) 3.05
स्रोत : एसएलडीसी की वेबसाइट
कहां से कितनी बिजली खरीदी
- मप्र का अंश (निजी कंपनियों से खरीदी) 14.88 करोड़ यूनिट
- केंद्र के एनटीपीसी, परमाणु ऊर्जा और अन्य से 16.24 करोड़ यूनिट
24 मई को प्रदेश में 3,136 लाख यूनिट बिजली की आपूर्ति की गई, जो पिछले वर्ष इसी दिन की आपूर्ति से 16.84 प्रतिशत अधिक रही। प्रदेश में पर्याप्त बिजली है, संकट जैसी कोई स्थिति नहीं है। – मनु श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव, ऊर्जा