
भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चौथे टेस्ट मैच में 184 रनों से करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। दूसरी पारी में भारतीय बल्लेबाज बुरी तरह से फ्लॉप रहे। मैच हारने के बाद भारतीय टीम के अब वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में भी पहुंचने का खतरा पैदा हो गया है। वहीं इस हार के बाद कप्तान रोहित शर्मा के संन्यास की अटकलें तेज हो गई हैं। कई रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि रोहित सिडनी मैच के बाद टेस्ट से भी संन्यास ले लेंगे।
सिडनी टेस्ट हो सकता है अंतिम मैच!
भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने चौथे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया से मिली बड़ी हार के बाद ‘परेशान’ होने की बात कबूल करते हुए सोमवार को यहां कहा कि टीम की सामूहिक समस्या के साथ ही कुछ ‘चीजें’ हैं जिस पर उन्हें व्यक्तिगत स्तर पर गौर करने की जरूरत है। खराब लय में चल रहे रोहित के नाम तीन टेस्ट मैचों की 6 पारियों में 31 रन हैं। अपने टेस्ट करियर के आखिरी पड़ाव पर पहुंच चुके रोहित के लिए सिडनी टेस्ट इस प्रारूप में करियर का अंतिम टेस्ट मैच हो सकता है। भारतीय कप्तान हालांकि खुद बिना संघर्ष किए बाहर नहीं जाना चाहते हैं। रोहित एक बल्लेबाज और एक कप्तान के रूप में वह कहां खड़े हैं? उसकी मानसिकता क्या है? सवाल तो बहुत हैं लेकिन जवाब इतने आसान नहीं हैं।
बहुत सी चीजें करने की कोशिश कर रहा हूं : रोहित
रोहित ने 184 रन की हार के बाद अपनी निराशा को छुपाने की कोशिश करते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘‘मैं आज जहां खड़ा हूं वहीं खड़ा हूं। अतीत में क्या हुआ, इसके बारे में सोचने की कोई जरूरत नहीं है। जाहिर है, कुछ नतीजे हमारे अनुकूल नहीं रहे। हां, एक कप्तान के रूप में यह निराशाजनक है।” रोहित ने कहा, ‘‘आप जानते हैं, बहुत सी चीज है जो मैं करने की कोशिश कर रहा हूं पर वह चीजें नहीं हो रही है। मानसिक तौर पर यह चीजें काफी परेशान करने वाली है। आप यहां जो करने आए है, अगर वह नहीं हो पाता है तो यह एक बड़ी निराशा है।”
समय काफी कम है, लेकिन जीतने की कोशिश करेंगे
भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘ कुछ चीजें हैं जिन पर एक टीम के रूप में हमें गौर करने की जरूरत है। मुझे व्यक्तिगत रूप से भी देखने की जरूरत है। इसलिए हम कोशिश करेंगे और देखेंगे कि क्या होता है। अभी एक मैच बाकी है और अगर हम उस मैच में अच्छा प्रदर्शन कर सकें तो सीरीज 2-2 से बराबर करना वास्तव में अच्छा होगा।” रोहित ने कहा, ‘‘ हां, समय काफी कम है। लेकिन हम हार नहीं मानना चाहते है और यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि जब हम सिडनी पहुंचे तो हम उस लय को फिर से अपनी ओर ले जाने के लिए हर संभव प्रयास करें। हम पिछले कई साल से देख रहे हैं कि ऑस्ट्रेलिया आने वाली टीमों के लिए यहां खेलना आसान नहीं है।” उन्होंने कहा, ‘‘सिडनी में हमारे पास फिर से मौका होगा। हमें एकजुट होकर अच्छा खेलने के अलावा अपनी योजनाओं को सही से लागू करने को सुनिश्चित करना होगा।’