
उमरिया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पतौर रेंज अतंर्गत आने वाले ग्राम बमेरा में वृद्ध पर बाघ ने हमला किया था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। बाघ का रेस्क्यू शुक्रवार सुबह 9:30 बजे के लगभग किया गया। रातभर वन विभाग और पार्क का डेरा बामेरा ग्राम में जमा रहा। वहीं हमलावर बाघ के पकड़े जाने के बाद कर्मचारी-अधिकारियों समेत ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
रातभर की टाइगर की निगरानी
जानकारी के मुताबिक, 21 सितंबर को समय शाम 7:30 बजे के करीब परिक्षेत्र अधिकारी पतौर को सूचना मिली कि बमेरा ग्राम में बहनीहार स्थान पर खेतों के बीच एक नर बाघ बैठा हुआ है। इसके बाद परिक्षेत्र अधिकारी पतौर अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई। इसके बाद रातभर टाइगर की निगरानी का कार्य वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में परिक्षेत्र अधिकारी पतौर तथा उनकी टीम द्वारा किया गया। इधर, 22 सितंबर शुक्रवार को समय सुबह 7:30 से 9:30 बजे क्षेत्र संचालक लखन लाल उईके के निर्देशन पर रेस्क्यू स्टाफ द्वारा गांव में घुसे नर बाघ का रेस्क्यू कार्य पूरा किया गया।
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सभी ने ली चैन की सांस
बाघ के शिकार के लिए रात में बकरा डाला गया था, जैसे उसने बकरे का शिकार किया, उसे पिंजरे में कैद कर लिया। बांधवगढ़ के प्रबंधन के द्वारा बाघ को रेस्क्यू करने के बाद जंगल में छोड़ने की कार्रवाई की जा रही है। इसी के साथ ग्रामीणों, वन विभाग और अधिकारियों ने चैन की सांस ली। लोगों ने बाघ पकड़े जाने पर वन विभाग की प्रशंसा की है।
(इनपुट- गोपाल तिवारी)