सांप के काटने से जुड़ी मान्यता! आखिर क्या है रतनगढ़ वाली माता मंदिर का रहस्य?

मध्य प्रदेश के दतिया में घने जंगलों और सिंध नदी के किनारे बसा है रतनगढ़ वाली माता का प्रसिद्ध मंदिर। यहां माता के साथ कुंवर महाराज की पूजा होती है और सर्पदंश से जुड़ी अनोखी लोकमान्यता भी प्रचलित है। जानिए नवरात्रि विशेष श्रृंखला में इस मंदिर की कहानी।
सांप के काटने से जुड़ी मान्यता! आखिर क्या है रतनगढ़ वाली माता मंदिर का रहस्य?

क्या सांप के काटने के बाद भी इस मंदिर में लोग मन्नत लेकर पहुंचते हैं? आखिर कौन हैं कुंवर महाराज, जिनकी पूजा माता के साथ की जाती है? और घने जंगलों के बीच बसे इस मंदिर से जुड़ी वो कौन-सी मान्यता है, जो इसे खास बनाती है? नवरात्रि की हमारी खास श्रृंखला में आज कहानी मध्य प्रदेश के उस मंदिर की, जहां आस्था, रहस्य और सदियों पुरानी लोकपरंपराओं का अनोखा संगम देखने को मिलता है। यह है दतिया जिले में सिंध नदी के किनारे और घने जंगलों के बीच स्थित रतनगढ़ वाली माता का मंदिर।

लेकिन इस मंदिर की खासियत सिर्फ माता के दर्शन नहीं हैं!

यहां माता के साथ कुंवर महाराज की भी पूजा की जाती है। स्थानीय लोकमान्यता के अनुसार, माता मांडूला और कुंवर महाराज भाई-बहन थे। इनसे जुड़ी कहानियां पीढ़ियों से श्रद्धालुओं की आस्था का हिस्सा बनी हुई हैं।

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अब सवाल है, सर्पदंश से इस मंदिर का क्या संबंध है?

स्थानीय मान्यता है कि सांप या दूसरे जहरीले जीवों से जुड़ी परेशानियों में लोग कुंवर महाराज के दरबार में प्रार्थना करने पहुंचते हैं। यहां निभाई जाने वाली कुछ परंपराओं को स्थानीय लोग ‘बंधन’ से भी जोड़कर देखते हैं। इस मान्यता के पीछे की कहानी लोककथाओं और पीढ़ियों से चली आ रही परंपराओं में मिलती है। हालांकि, यह धार्मिक आस्था है, चिकित्सा का विकल्प नहीं। सांप के काटने पर तुरंत अस्पताल पहुंचना और उचित इलाज लेना बेहद जरूरी है।

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इस मंदिर से जुड़ी एक और परंपरा भी बेहद खास है।

मन्नत पूरी होने पर यहां घंटा चढ़ाया जाता है। मंदिर परिसर में लटके अनगिनत घंटे श्रद्धालुओं की गहरी आस्था की कहानी कहते नजर आते हैं। कुछ स्थानीय कथाओं में डाकुओं द्वारा भी यहां घंटे चढ़ाने का जिक्र मिलता है। नवरात्रि के दौरान यहां मेला लगता है और दूर-दूर से श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। घने जंगलों के बीच बसे इस मंदिर में उमड़ने वाली भीड़ बताती है कि रतनगढ़ वाली माता का दरबार लोगों की आस्था में कितनी खास जगह रखता है।

Shivani Gupta
By Shivani Gupta

शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...

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