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रतलाम सीट: भाजपा भिलाला तो कांग्रेस भील समाज के सहारे

प्रदेश मंत्रिमंडल में रतलाम-झाबुआ अंचल से चेतन काश्यप, निर्मला भूरिया और नागर सिंह चौहान

भोपाल। प्रदेश में लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण की 8 सीटों को लेकर भाजपा-कांग्रेस दोनों ही दलों ने अपनी चुनावी टोली को मैदान में पूरी ताकत के साथ उतार दिया है। हाई प्रोफाइल रतलाम सीट पर कांटे की टक्कर के आसार बन रहे हैं। इस सीट पर भाजपा ने युवा चेहरा अनीता नागर सिंह चौहान, शहरी वोटर्स और भिलाला समाज के भरोसे मैदान मारने की रणनीति बनाई है। कांग्रेस प्रत्याशी कांतिलाल भूरिया को समाज में विशिष्ट पहचान और क्षेत्र के लोगों से पुराने ताल्लुकात का सहारा है। खासतौर पर भील समाज से उन्हें उम्मीद दिख रही है। शहरी क्षेत्र और भिलाला वोटर्स इस सीट पर निर्णायक भूमिका अदा करेंगे। मालवा निमाड़ की आठ में से 6 सीटों के प्रत्याशी दूसरी बार किस्मत आजमा रहे हैं।

प्रदेश मंत्रिमंडल में रतलामझा बुआ अंचल से वरिष्ठ मंत्री के रूप में चेतन काश्यप, निर्मला भूरिया और नागर सिंह चौहान मौजूद हैं। ये तीनों दिग्गज भी अपने क्षेत्रों में पूरी ताकत से जुटे हैं। मंत्री चौहान की पत्नी अनीता को उम्मीदवारी सौंपकर भाजपा हाईकमान ने उनकी जिम्मेदारी बढ़ा दी है। चुनाव की जीत-हार को लेकर चौहान की साख भी दांव लगी है। छह महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव में संसदीय क्षेत्र की आठ सीटों में से कांग्रेस के हिस्से में केवल जोबट, झाबुआ और थांदला सीट ही आई थी सैलाना में पहली बार भारतीय आदिवासी पार्टी ने प्रत्याशी ने बाजी मार ली। भाजपा को 4 सीटों से ही संतोष करना पड़ा था।

आधा दर्जन सीटों पर वही चेहरे

मालवा-निमाड़ में भाजपा ने आधा दर्जन सीटों पर अपने प्रत्याशियों पर दूसरी बार भरोसा जताया है। पार्टी को सर्वे में इन क्षेत्रों में उसकी मजबूत स्थिति की रिपोर्ट मिली है। उज्जैन में अनिल फिरोजिया, ज्ञानेश्वर पाटिल खंडवा, महेंद्र सिंह सोलंकी देवास, शंकर लालवानी इंदौर और खरगोन में गजेंद्र पटेल को लगातार दूसरी बार मैदान में उतारा गया है। धार में सावित्री ठाकुर को भाजपा ने 2019 के चुनाव में टिकट नहीं दिया था जबकि 2014 में वह इस सीट से चुनाव जीती थीं। पांच साल के अंतराल के बाद भाजपा ने उन पर दूसरी बार भरोसा जताया है।

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