
नई दिल्ली। रेलवे विभाग ने सोमवार को पहलवान विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया के इस्तीफे स्वीकार कर लिए। इन दोनों ने बीते शुक्रवार यानी 6 सितंबर को कांग्रेस पार्टी में शामिल होने से पहले अपनी नौकरी से इस्तीफे दिया था। दोनों पहलवान OSD स्पोर्ट्स के पद पर थे। उत्तरी रेलवे ने सोमवार को इन्हें इनकी नौकरी से रिलीव करने का नोटिस जारी कर इसकी पुष्टि कर दी है।
कांग्रेस ने विनेश फोगाट को हरियाणा में जुलाना विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए टिकट दिया गया है। वहीं, बजरंग पूनिया को अखिल भारतीय किसान कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
इस्तीफे को तत्काल प्रभाव से किया स्वीकार कर
सोमवार को जारी अलग-अलग नोटिस में उत्तर रेलवे ने कहा कि 6 सितंबर को दिए गए उनके इस्तीफे को ‘‘सक्षम प्राधिकारी द्वारा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया गया है।” पूनिया और फोगाट दोनों हाल में कांग्रेस में शामिल हुए हैं। फोगाट को जुलाना निर्वाचन क्षेत्र से हरियाणा विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए पार्टी की ओर से टिकट दिया गया है। उत्तर रेलवे ने दोनों के मामलों में तीन महीने की नोटिस अवधि के प्रावधान में ढील दी।
रेलवे की ओर से जारी लेटर…
चुनाव लड़ सकती हैं फोगाट
ऐसी अटकलें थीं कि नोटिस अवधि के मानदंड के मद्देनजर फोगाट संभवत: चुनाव नहीं लड़ पाएंगी। चुनाव नियमों के अनुसार, हरियाणा में 5 अक्टूबर को होने वाला विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए उन्हें रेलवे से आधिकारिक रूप से मुक्त होना होगा। अब, चूंकि रेलवे ने दोनों ओलंपिक खिलाड़ियों को उनकी सेवा से मुक्त कर दिया है, इसलिए फोगाट चुनाव लड़ सकती हैं।
रेलवे ने जारी किया था नोटिस
कांग्रेस में शामिल होने से पहले पार्टी नेता राहुल गांधी से मुलाकात के बाद उत्तर रेलवे ने फोगाट तथा पूनिया को नोटिस जारी किया था। उत्तर रेलवे ने कहा था कि ‘कारण बताओ’ नोटिस सेवा के नियमों के तहत दिया गया क्योंकि वे दोनों सरकारी कर्मचारी थे। नोटिस के बाद दोनों ने रेलवे से इस्तीफा दे दिया था।