
राजीव सोनी-भोपाल। भारतीय सेना में मप्र सहित देश के अन्य राज्यों से हुई एक लाख अग्निवीरों की भर्ती से उनके परिजनों के साथ जान-पहचान वाले भी खुश हो रहे हैं। लेकिन इनसे हटकर देश भर की कई फायनेंशियल कंपनियां, बैंक एवं दलालों की नजरें इन अग्निवीरों को मिलने वाले फंड पर लग गई हैं। दिसंबर 2026 में अग्निवीरों का पहला बैच रिटायर होगा।
मप्र से करीब 8 हजार युवा अग्निवीर में भर्ती हुए हैं। बैंक व वित्तीय संस्थानों को इन्वेस्टमेंट और बिजनेस बढ़ाने का नया सेक्टर दिखने लगा है। ब्रोकर्स अभी से अग्निवीरों और उनके परिजनों को पैसा इन्वेस्ट करने की स्कीम समझाने लगे हैं। हर अग्निवीर को रिटायरमेंट फंड और सैलरी के रूप में कुल 23 लाख 43 हजार रुपए मिलेंगे।
सेना भी कर रही काउंसलिंग
पहले बैच के परफार्मेंस की पॉजिटिव रिपोर्ट के बाद कई वित्तीय संस्थानों को भी अपने बिजनेस की संभावनाएं दिखने लगी हैं। इस बात की भनक वरिष्ठ स्तर पर सेना के अफसरों को भी है। इसके बाद सेना ने अग्निवीरों को फायनेंशियल मैनेजमेंट प्रोग्राम के तहत जरूरी टिप्स भी दिए जा रहे हैं। उनके फंड का दुरुपयोग न हो इसके लिए सेना के रिटायर अफसर और फायनेंस के विशेषज्ञों द्वारा काउंसलिंग भी शुरू की गई है।
विशेषज्ञ बोले- अग्निवीरों की पारी लंबी चलेगी
अग्निवीरों को ट्रेनिंग लेक्चर देकर लौटे विशेषज्ञों का कहना है कि सेना में भले ही इनका कार्यकाल चार साल का है लेकिन संभावना है कि 25 फीसदी के बजाए 30 से 40 फीसदी अग्निवीरों को सेना में ही आगे कंटीन्यू कर लिया जाएगा। बाकी बचे फौजियों को मप्र सहित देश के करीब 8-9 राज्य नौकरी में आरक्षण देने का ऐलान कर चुके हैं। अन्य पैरामिलेट्री फोर्सेस में भी मौका मिल सकता है।
अग्निवीरों के बारे में जानिए
अग्निवीरों को नौकरी के पहले साल में हर महीने 30 हजार रुपए सैलरी मिलती है, सैलरी का 30 फीसदी सेवा निधि फंड के रूप में काट लिए जाते हैं। अग्निवीरों की सैलरी में हर साल 10 फीसदी की बढ़ोतरी की जाती है और उसमें से 30 फीसदी राशि सेवा निधि फंड के रूप में काटी जाती है।
अग्निवीरों को मिल रहे फायनेंस के टिप्स
बदलाव के बाद अग्निवीर योजना काफी आकर्षक हो गई है। यह सही है कि अग्निवीरों से बैंकिंग और बीमा कंपनियां संपर्क कर रही हैं लेकिन सेना से उन्हें ट्रेनिंग के साथ फायनेंशियल इन्वेस्टमेंट संबंधी टिप्स भी मिल रहे हैं। उन्हें विशेषज्ञों के माध्यम से आमदनी की प्लानिंग- प्रबंधन और दूरगामी बचत संबंधी जानकारी भी दिलाई जा रही हैं। – कर्नल भारत भूषण वत्स (रिटायर्ड) भोपाल.
छुट्टी में घर आया तो बीमा एजेंट ने सुझाव दिए
छुट्टी लेकर जब घर आया था तो एक मित्र के जरिए बीमा कंपनी के एजेंट ने पैसा इन्वेस्ट करने का सुझाव दिया था। अभी दो साल की नौकरी है उसके बाद मैंने तय किया है कि फौज में ही अपनी सेवाएं कन्टीन्यू करूंगा। – बिजेंद्र सिंह राजावत (परिवर्तित नाम) जबलपुर
मुझे कुछ वित्तीय स्कीम बताकर गए हैं बैंक मैनेजर
मेरा बेटा भी अग्निवीर के बतौर भारतीय सेना का हिस्सा बन कर देश की सेवा कर रहा है। दो साल बाद उसका कार्यकाल पूरा होगा। निजी बैंक और फायनेंशियल संस्था के मैनेजर्स ने पैसा इन्वेस्ट कर अच्छे रिटर्न की स्कीम बताई हैं। लेकिन हम लोगों ने अभी इस बारे में कुछ सोचा नहीं। – रघुवीर सिंह यादव (परिवर्तित नाम) मुरैना जिला