
भोपाल। कर्नाटक और राजस्थान की तर्ज पर अब मप्र में भी दूध उत्पादकों को पांच रुपए प्रति लीटर बोनस देने की तैयारी है। इसके लिए मुख्यमंत्री सहकारी दूध उत्पादक प्रोत्साहन के नाम से नई योजना का प्रस्ताव पशुपालन विभाग के माध्यम से वित्त विभाग को भेजा गया है। योजना के लिए 800 करोड़ की डिमांड की गई है। इतनी बड़ी राशि मंजूर करने के लिए वित्त विभाग को पसीना आ रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पिछले दिनों प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए जोर दिया था। उन्होंने सहकारिता आंदोलन को बढ़ाने के लिए अधिक से अधिक किसानों को जोड़ने की बात कही थी। इसी क्रम में पशुपालन विभाग ने यह योजना तैयार की है। योजना मंजूरी के लिए वित्त विभाग के पास भेजी गई है, इसमें प्राथमिक स्तर पर मंथन किया जा चुका है। अब प्रमुख सचिव स्तर पर होने जा रही बैठक के दौरान इसपर विचार किया जाएगा।
MPCDF के माध्यम से मिलेगी प्रोत्साहन राशि
योजना में प्रावधान किया गया है कि दूध उत्पादकों को मप्र स्टेट को-ऑपरेरिट डेयरी फेडरेशन (एमपीसीडीएफ) के माध्यम से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह राशि उस किसान या उत्पादक को मिलेगी जो सांची ब्रांड के लिए दूध उपलब्ध कराएगा।
सवा दो लाख किसान बेचते हैं फेडरेशन को दूध
प्रदेश के करीब सवा दो लाख किसान सांची दुग्ध सहकारी फेडरेशन को दूध बेचते हैं। वर्ष 2021-22 के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 19 हजार मीट्रिक टन दूध का उत्पादन रोज होता है।
कर्नाटक और राजस्थान में भी है ऐसी योजना
दूध उत्पादकों को प्रोत्साहित करने के लिए राजस्थान में पांच रुपए प्रति लीटर और कर्नाटक ने 2 रु./लीटर प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है।
उत्पादकों को दूध बेचने पर प्रति लीटर पांच रुपए प्रोत्साहन राशि देने संबंधी प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा है। बजट में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री सहकारी दुग्ध उत्पादक प्रोत्साहन योजना प्रारंभ करेंगे। – लखन पटेल, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पशुपालन एवं डेयरी