
कोटा। राजस्थान की कोचिंग नगरी कोटा में विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए पुलिस कई कदम उठा रही है। कोटा शहर के पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने थाना कुन्हाड़ी क्षेत्र में स्थित कोचिंग के छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याओं के निराकरण के निर्देश दिए। इस दौरान कोचिंग छात्रों की सुरक्षा के लिए कोटा सिटी पुलिस ने मोबाइल ऐप का कॉन्सेप्ट पेश किया है।
इसमें मौजूद पैनिक बटन दबाने के बाद चंद मिनट में ही पुलिस छात्र तक पहुंच जाएगी। शनिवार को कोटा सिटी एसपी डॉ अमृता दुहन ने बताया कि सोसायटी ऑफ स्टूडेंट्स (एसओएस) ऐप का कॉन्सेप्ट शनिवार को लॉन्च किया गया है।
यह कोचिंग स्टूडेंट के लिए उपयोगी साबित होगा। किसी भी समस्या या परेशानी होने पर विद्यार्थी इस ऐप में मौजूद पैनिक बटन का उपयोग कर सकेगा। जिससे पुलिस को सीधी सूचना मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों से हमने यह कॉन्सेप्ट शेयर किया है। जल्द ही ऐप तैयार करके उसे भी लॉन्च किया जाएगा।
पैनिक बटन दबाते ही स्टूडेंट तक तत्काल पहुंचेगी पुलिस
जब कोचिंग स्टूडेंट इस ऐप में मौजूद पैनिक बटन का उपयोग करेंगे, तभी कंट्रोल रूम को इसकी सूचना मिल जाएगी। इसके बाद उसकी लाइव लोकेशन के आधार पर पुलिस छात्र तक तत्काल पहुंचेगी। स्टूडेंट से जुड़ा डेटा पुलिस सीधे तौर पर एक्सेस नहीं होगा, जब स्टूडेंट पैनिक बटन का उपयोग करेगा, तभी पुलिस उसका डेटा एक्सेस कर पाएगी। जिससे विद्यार्थियों को भी किसी तरह का कोई खतरा या डर नहीं रहेगा। समझा जा रहा है कि इस ऐप से पढ़ाई के तनाव के कारण कोटा में विद्यार्थियों के बीच बढ़ रही आत्महत्या के मामले कम होंगे।
एंटी-सुसाइड हैंगिंग डिवाइस
कोटा में स्टूडेंट्स सुसाइड की घटनाओं को देखते हुए मोबाइल ऐप से पहले एंटी-सुसाइड हैंगिंग डिवाइस लॉन्च किया गया था। प्रशासन ने कोटा के हर पीजी और हॉस्टल के कमरों के पंखों में अनिवार्य रूप से यह एंटी हैंगिंग डिवाइस लगाने का आदेश दिया है। एंटी हैंगिंग डिवाइस एक रॉड है, जो छत में लगे हुक से लेकर पंखे के ऊपरी हिस्से पर लगती है। इस रॉड के बीच में जॉइंट आता है, जिसके अंदर स्प्रिंग लगा है, जैसे ही 20 किलो से ज्यादा वजन पंखे पर आता है तो पंखा धीरे-धीरे नीचे लटक जाता है। इससे किसी को चोट आने का कोई खतरा नहीं है। इस साल कोटा में परीक्षा की तैयारी कर रहे 14 स्टूडेंट्स ने सुसाइड किया है।