
पटना में बीपीएससी अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर गांधी मैदान से सचिवालय की ओर मार्च शुरू किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बातचीत करना चाहते हैं। इस दौरान बिहार पुलिस ने कई स्तर पर बैरिकेडिंग की, लेकिन अभ्यर्थियों ने बैरिकेड्स तोड़ते हुए आगे बढ़ने की कोशिश की। जेपी गोलंबर पहुंचने पर पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और अभ्यर्थियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया। इस दौरान ठंड के मौसम में अभ्यर्थी भीगते हुए भी तिरंगा लेकर विरोध प्रदर्शन करते रहे।
पुलिस की सफाई, नहीं किया लाठीचार्ज
पटना सेंट्रल एसपी स्वीटी सहरावत ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को बार-बार समझाने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने प्रशासन से धक्का-मुक्की की। उन्होंने कहा कि हमने मजबूरन वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। लाठीचार्ज की बात गलत है।
प्रशांत किशोर ने की लंबी लड़ाई की अपील
प्रदर्शन के दौरान गांधी मैदान में प्रशांत किशोर ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि यह लड़ाई छात्रों के भविष्य को बचाने की है। इसे अंजाम तक पहुंचाने के लिए लंबे समय तक डटे रहना होगा। उन्होंने किसानों के आंदोलन का उदाहरण देते हुए कहा कि जब तक छात्रों में एकजुटता और स्थिरता नहीं होगी, तब तक कोई ठोस परिणाम नहीं निकलेगा।
क्या हैं छात्रों की मांगें
अभ्यर्थी बीपीएससी परीक्षा को रद्द करने और नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया को खत्म करने की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि हाल ही में हुई परीक्षा में कई खामियां थीं और इसे दोबारा आयोजित किया जाना चाहिए। वहीं, बीपीएससी केवल उन केंद्रों पर दोबारा परीक्षा कराने को तैयार है, जहां गड़बड़ी की शिकायतें दर्ज की गई थीं।
आंदोलन को मिल रहा है समर्थन
AISA और भाकपा ने 30 दिसंबर को बिहार बंद और चक्का जाम का ऐलान किया है। प्रशांत किशोर ने छात्रों से अपील की है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी लड़ाई जारी रखें। सरकार के साथ बातचीत की पहल के बाद ही आंदोलन की अगली रणनीति तय की जाएगी।
ये भी पढ़ें- H-1B वीजा को लेकर डोनाल्ड ट्रम्प का बदला रुख, पहले जताई थी कड़ी आपत्ति, अब कहा- यह एक बेहतरीन प्रोग्राम है
2 Comments