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गुजरात दौरे पर PM मोदी : गिर में की जंगल सफारी, सोमनाथ मंदिर में पूजा; वन्यजीव संरक्षण पर करेंगे बैठक

अहमदाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिवसीय गुजरात दौरे पर हैं। सोमवार को विश्व वन्यजीव दिवस के अवसर पर उन्होंने गिर नेशनल पार्क में जंगल सफारी का आनंद लिया। इस दौरान वे एशियाई शेरों के प्राकृतिक आवास में पहुंचे और उनकी फोटोग्राफी भी की। सफारी के दौरान पीएम मोदी खुली जीप में नजर आए और उन्होंने खुद कैमरे से शेरों की तस्वीरें लीं।

“मोदी-मोदी” के लगे नारे

पीएम मोदी के गिर पहुंचते ही स्थानीय लोगों ने “मोदी-मोदी” के नारे लगाए। उन्होंने सिंह सदन में रात्रि विश्राम किया और सुबह जंगल सफारी पर निकले। इसके बाद प्रधानमंत्री राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (NBWL) की बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जिसमें वन्यजीव संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी।

एशियाई शेरों के संरक्षण के लिए बड़ा कदम

गिर के शेरों की सुरक्षा और उनके संरक्षण के लिए केंद्र सरकार ने ‘प्रोजेक्ट लॉयन’ के तहत 2,900 करोड़ रुपए की राशि मंजूर की है। इस परियोजना का उद्देश्य शेरों के प्राकृतिक आवास को मजबूत करना और उनके स्वास्थ्य व सुरक्षा के लिए बेहतर उपाय लागू करना है। फिलहाल, एशियाई शेर गुजरात के 9 जिलों के 53 तालुकाओं में फैले हुए हैं, जिनका क्षेत्रफल लगभग 30,000 वर्ग किलोमीटर है।

इसके अलावा, जूनागढ़ जिले के न्यू पिपल्या में 20.24 हेक्टेयर क्षेत्र में एक राष्ट्रीय रेफरल केंद्र स्थापित किया जा रहा है, जहां वन्यजीवों के चिकित्सीय निदान और रोगों से बचाव की सुविधा उपलब्ध होगी। वहीं, सासण गिर में एक अत्याधुनिक अस्पताल और हाई-टेक निगरानी केंद्र की भी स्थापना की गई है।

सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना

2 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमनाथ पहुंचे, जहां उन्होंने प्रथम ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए और विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके साथ ही उन्होंने 27 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किए गए हाईटेक मार्केट का उद्घाटन भी किया। इससे पहले, वे जामनगर स्थित ‘वनतारा’ पशु बचाव और पुनर्वास केंद्र भी गए थे, जिसकी देखरेख अनंत अंबानी करते हैं।

गिर और वन्यजीव संरक्षण के लिए पीएम मोदी के प्रयास

गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए पीएम मोदी ने गिर क्षेत्र और एशियाई शेरों के संरक्षण के लिए कई अहम कदम उठाए थे।

  • 2007 में उठाए गए बड़े कदम: गिर क्षेत्र में शेरों के शिकार की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए गुजरात सरकार ने ‘ग्रेटर गिर वन्यजीव संरक्षण टास्क फोर्स डिवीजन’ की स्थापना की।
  • महिला वनकर्मियों की भर्ती: गिर में पहली बार महिला बीट गार्ड और वनपालों की नियुक्ति की गई। आज 111 से अधिक महिला वनकर्मी गिर क्षेत्र में कार्यरत हैं।
  • शेर संरक्षण सोसायटी की स्थापना: ‘गुजरात स्टेट लॉयन कंजर्वेशन सोसायटी’ (GSLCS) बनाई गई, जिससे जनभागीदारी बढ़ी और शेरों के संरक्षण में मदद मिली।
  • वन्य पनु मित्र योजना: इस योजना के तहत स्थानीय लोगों को वन्यजीवों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया और उन्हें शेरों की गतिविधियों पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी गई।

गुजरात दौरे का समापन

3 मार्च को गिर में वन्यजीव बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद प्रधानमंत्री राजकोट जाएंगे, जहां वे कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद दोपहर 3 बजे वे दिल्ली के लिए रवाना होंगे। पीएम मोदी के इस दौरे ने एक बार फिर से वन्यजीव संरक्षण, गिर के शेरों की सुरक्षा और गुजरात के पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को स्पष्ट किया है।

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