
विजय परमार, मुंबई। वर्ष, 2024 के लोकसभा चुनाव पर सिर्फ भारतीयों की नहीं, सारी दुनिया की दृष्टि है। खासकर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की ‘गजब जोड़ी’ को लेकर एक उत्सुकता बनी रहती है। मोदी और शाह की जोड़ी ‘अनहोनी को होनी’ और ‘असंभव को संभव’ करने के लिए जानी जाती है। अगर यह जोड़ी 2024 में भी सरकार बनाती है, तो देश-दुनिया पर क्या फर्क पड़ेगा; खासकर पाकिस्तान पर और आखिर ‘मोदी-शाह’ की शक्ति का केंद्र क्या है? अंक ज्योतिष(numerology) में इसका आकलन करने पर मालूम चलता है कि मोदी और शाह एक-दूसरे के पूरक हैं। यानी अगर कहीं एक कमजोर पड़ता है, तो दूसरा उसकी ताकत बन जाता है।
मोदी पर शनि जबर्दस्त मेहरबान
अंक ज्योतिष (numerology) में कुल 81 कॉम्बिनेशन होते हैं। इनमें से कुछ अत्यधिक अलौकिक शक्ति वाले, कुछ औसत, कुछ सामान्य, जबकि कुछ बहुत उत्कृष्ट(Excellent) की कैटेगरी में आते हैं।
भारत के 14वें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (पूरा नाम-नरेंद्र दामोदरदास मोदी) का जन्म 17.9.1950 में गुजरात के वडनगर में हुआ। वे कम उम्र से आरएसएस(RSS) की शाखाओं में जाने लगे थे। RSS की गणना अंक-8 पर आती है। मतलब कि मोदी पर शनि की मेहरबानी जन्म के बाद से ही बनी रही।
मोदी के डेस्टिनी का अंक-8(1+7=8) शनि और डेस्टिनेशन का अंक बुध का है, जो कि एक औसत दर्जे का कॉम्बिनेशन है। शनि के अंकों से प्रभावित व्यक्तियों को जन्म से संघर्ष करना पड़ता है। उन्हें कोई भी वस्तु आसानी से प्राप्त नहीं होती है।
अमित शाह के पास है ‘मास्टर नंबर’
अमित शाह(पूरा नाम-अमित अनिलचंद्र शाह) का जन्म 22.10.1964 को महाराष्ट्र के मुंबई में हुआ। इनके डेस्टिनी का अंक राहु (2+2=4) और डेस्टिनेशन का अंक केतु का है। यह संपूर्ण उकृष्ट(absolutely excellent) कैटेगरी में आता है। 81 में सिर्फ 4-7 और 7-4 ये दो ही ऐसे विरले कॉम्बिनेशन हैं, जो इस कैटेगरी में आते हैं। 11 और 22 इन दोनों जन्मांक(date of birth) को ‘मास्टर नंबर’ माना जाता है।
मोदी और शाह ‘साथ हैं’ तो कुछ भी असंभव नहीं
नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जन्म तिथियों का गहन अध्ययन करने पर यह रिजल्ट निकलता है कि ये दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। जो ग्रह नरेंद्र मोदी के अंकगणित(numeroscope) में मिसिंग हैं, वो अमित शाह के अंकगणित में मौजूद हैं। यानी कहीं एक कमजोर पड़ा, तो दूसरा उसकी ताकत बन जाता है।
अगर मोदी सिर हैं, तो शाह बॉडी
नरेंद्र मोदी का नाम बुध ग्रह पर आता है। जबकि अमित शाह का नाम शुक्र ग्रह पर आता है। बुध और शुक्र एक-दूसरे के पूरक ग्रह हैं।
नरेन्द्र मोदी का पर्सनल ईयर-17.9.2024=7 केतु ग्रह के अंक पर आता है। वहीं, अमित शाह का पर्सनल ईयर-22.10.2024=4 राहु ग्रह के अंक पर आता है। एक केतु और दूसरा राहु के पीरियड में होने से यह ‘अमृत योग’ बना रहे हैं। राहु ग्रह के पास सिर है, जबकि केतु के पास शरीर का बाकी हिस्सा(remaining part of the body) यानी धड़ है। दोनों को मिलाकर संपूर्ण शरीर बना जाता है।
बता दें कि पर्सनल ईयर निकालने के लिए वास्तविक जन्म तिथि को वर्तमान साल से रिप्लेस करके और फिर टोटल किया जाता है। जैसे-अमित शाह का जन्म-22.10.1964 का हुआ। इसे मौजूदा साल से रिप्लेस करेंगे, तो यह होगा-22.10.2024=4, जो राहु का अंक है।
वहीं, मोदी की जन्मतिथि-17.9.1950 है। इसे वर्तमान साल से रिप्लेस करेंगे, तो यह होगा-17.9.2024=7, जो केतु का अंक है।
POK को भारत में मिलाकर रहेगी मोदी-शाह की जोड़ी
अंक ज्योतिषीय आकलन कहता है कि मोदी-शाह की आने वाली पारी शुरुआती कुछ कठिनाइयों के बाद सहज-सरलता से अपने मकसद को पूरा करेगी। वे अपने असंभव से लक्ष्यों को हासिल करने में सफल रहेंगे। जैसे-मोदी-शाह अगर 2024 में सरकार बनाते हैं, तो POK के भारत में विलय की 99% संभावनाएं हैं। पाकिस्तान पर विपत्तियों का पहाड़ वैसे ही टूटा हुआ है। आने वाले समय में अगर वो भारत से अपने रिश्ते सुधारता है, तो उसके हालात अच्छे हो सकते हैं, वर्ना परेशानियां बढ़ती जाएंगी। हालांकि बलूचियों का संघर्ष जारी रहेगा। इस समस्या के समाधान में समय लगेगा।
(विजय परमार – मुंबई के ख्याति प्राप्त साइंटिफिक न्यूमेरोलॉजिस्ट हैं)