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तो बैन नहीं होगी cryptocurrency? पीएम मोदी ने इसे लेकर कही बड़ी बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को क्रिप्टोकरेंसी जैसी उभरती तकनीक के लिए वैश्विक नियम बनाने को लेकर संयुक्त प्रयास किए जाने की अपील की। पीएम मोदी ने कहा कि इनका इस्तेमाल लोकतंत्र को को कमजोर करने के बजाय उसे मजबूत करने के लिए किया जाना चाहिए। रिपोर्ट के मुताबिक, पीएम मोदी क्रिप्टोकरेंसी के रेगुलेशन के ढांचे के लिए जल्द ही फैसला लेने वाले हैं।

वैश्विक नियम बनाने की जरूरत

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की ओर से ऑनलाइन आयोजित हुए डेमोक्रेसी समिट को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि, ‘हमें सोशल मीडिया और क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) जैसी उभरती तकनीकों के लिए संयुक्त रूप से वैश्विक नियम बनाने चाहिए, ताकि उनका उपयोग लोकतंत्र को मजबूत करने में किया जाए, ना कि उसे कमजोर करने में।’

'पीएम ने उठाई रेग्युलाइजेशन की मांग'

पिछले तीन हफ्तों में, यह दूसरी बार है जब मोदी ने क्रिप्टोकरेंसी को रेग्युलाइज करने के लिए साथ मिलकर काम करने की अपील की है। उन्होंने 18 नवंबर को ‘सिडनी डयलॉग’ के दौरान अपने वर्चुअल संबोधन में लोकतांत्रिक देशों से अपील की थी कि, हमें साथ मिलकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि क्रिप्टोकरेंसी का गलत इस्तेमाल न हो। ये भी पढ़ें- PM मोदी आज करेंगे सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना का उद्घाटन, नौ जिलों के 29 लाख किसानों को होगा लाभ

शीतकालीन सत्र में पेश होगा क्रिप्टो बिल

सरकार संसद के चल रहे शीतकालीन सत्र के दौरान चर्चा और समाशोधन के लिए क्रिप्टोकरेंसी एंड रेगुलेशन ऑफ ऑफिशियल डिजिटल करेंसी बिल, 2021 पेश करेगी। बता दें कि, सरकार ने पहले सभी तरह की क्रिप्टोकरेंसी प्रतिबंधित करने का इरादा जताया था। लेकिन बाद में उसने कहा कि वो इसके लिए नियामकीय ढांचा तैयार करेगी।

क्रिप्टोकरेंसी नहीं...क्रिप्टोएसेट दिया गया नाम

सरकार ने बताया कि, भारत में क्रिप्टो को मुद्रा या किसी भी आधिकारिक लेनदेन का हिस्सा नहीं बनाया जाएगा। विधेयक में क्रिप्टोकरेंसी की जगह क्रिप्टोएसेट शब्द का इस्तेमाल किया गया है। संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किए जाने वाले विधेयक के तहत डिस्ट्रीब्यूटेड लेजर टेक्नोलॉजी फ्रेमवर्क स्थापित करने का प्रस्ताव है। साथ ही आरबीआई द्वारा भविष्य में जारी की जाने वाली डिजिटल करेंसी की बुनियाद तय की जाएगी। यह डिजिटल करेंसी आरबीआई कानून (RBI) के तहत नियमित की जाएगी।

आतंकवाद विरोधी गतिविधियों का खतरा

क्रिप्टोकरेंसी का आतंकवाद विरोधी गतिविधियों में इस्तेमाल किए जाने के खतरे को देखते हुए, इसके लिए मनी लांड्रिंग एक्ट के प्रावधानों में भी संशोधन किया जाएगा।
Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...

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