
पुणे। नौसेना प्रमुख (Indian Navy Chief) आर हरि कुमार ने कहा कि नए विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत (INS Vikrant) से विमानों का संचालन अगले साल मई या जून तक शुरू हो सकता है। वे महाराष्ट्र में पुणे के खड़कवासला स्थित नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) के 143वें कोर्स की पासिंग आउट परेड का निरीक्षण करने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि विमानवाहक पोत के समुद्री परीक्षण हो गए हैं। इसके बाद उसे नौसेना के बेड़े में शामिल किया गया है।
6 से 8 माह में शुरू होता है संचालन
नौसेना प्रमुख ने बताया कि पोत से विमानों के संचालन के लिए परीक्षण शुरू किए गए हैं। सबसे पहले प्लेन के लैंडिंग सिस्टम के ट्रायल की आवश्यकता है। ऐसे ट्रायल अभी चल रहे हैं। सामान्य तौर पर पोत को बेड़े में शामिल करने के बाद विमानों का संचालन शुरु होने में 6 से 8 महीने का वक्त लगता है। हमें मानसून से पहले मई या जून तक इसके पूरा हो जाने की उम्मीद है।

इस साल नेवी में 82 हजार महिलाओं के आवेदन मिले
एनडीए के महिला कैडेट के पहले बैच की भर्ती पर एडमिरल कुमार ने कहा- नौसेना ने महिला नौसैनिकों की भर्ती भी शुरू की है। इस साल हमने नौसेनिकों के लिए 3,000 वैकेंसी निकाली थीं, जिसके लिए हमें 10 लाख आवेदन मिले और इनमें से 82,000 आवेदन महिलाओं से मिले हैं।
नया INS विक्रांत 76 फीसदी स्वदेशी
एडमिरल कुमार ने बताया कि हमारा पहला छोटा जहाज 1960 में शामिल किया गया था। इसके बाद से हमने विध्वंसकों, कल्मीनेटर और विमानवाहक पोतों का निर्माण शुरू कर दिया। संयोग से नया विमानवाहक पोत 76 फीसदी स्वदेश निर्मित है, इसलिए यह देश के लिए बड़ी उपलब्धि है।
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