
नई दिल्ली। लोकसभा में गुरुवार को इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स बिल 2025 पास हो गया। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अवैध घुसपैठ, राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेशी नागरिकों के पंजीकरण को लेकर कड़े कदम उठाने की बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और व्यापार के लिए भारत आने वालों का स्वागत करेगी, लेकिन जो लोग राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं, उनसे सख्ती से निपटा जाएगा।
इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स बिल लोकसभा में 11 मार्च को पेश किया गया था। इस पर सत्ता और विपक्ष के 30 सांसदों ने अपनी बात रखी।
बिल से क्या बदलेगा?
- सुरक्षा होगी मजबूत – अवैध प्रवासियों की पहचान और निष्कासन में मदद मिलेगी।
- व्यापार और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा – कानूनी प्रवासियों के लिए बेहतर सुविधाएं दी जाएंगी।
- विदेशियों के डेटा का अपडेटेड रिकॉर्ड – पासपोर्ट एक्ट और वीजा नियमों को और सख्त किया जाएगा।
- घुसपैठियों और अवैध गतिविधियों पर सख्ती – ड्रग्स, हवाला और घुसपैठ से जुड़े लोगों पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
देश की सुरक्षा होगी मजबूत
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सरकार की प्रवासन नीति को कठोरता और करुणा का मिश्रण करार देते हुए सदन में दो टूक कहा कि ‘‘भारत कोई धर्मशाला नहीं है कि कोई भी जब चाहे यहां आकर रह जाए”। जो लोग गलत इरादे से भारत में प्रवेश करना चाहते हैं, उन्हें यहां जगह नहीं मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार उन लोगों का स्वागत करती है जो पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और व्यापार के लिए भारत आना चाहते हैं, लेकिन जो लोग राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित कानून देश की सुरक्षा को मजबूत करेगा, अर्थव्यवस्था और व्यापार को बढ़ावा देगा, साथ ही स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों को प्रोत्साहित करेगा।
बिल पर लोकसभा में चर्चा और प्रभाव
इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स बिल 2025 को 11 मार्च को लोकसभा में पेश किया गया था। इसके बाद सत्ता और विपक्ष के 30 सांसदों ने इस पर चर्चा की। अमित शाह ने कहा कि इस कानून से अवैध घुसपैठ पर रोक लगेगी और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि यह विधेयक भारत की अर्थव्यवस्था, व्यापार और स्वास्थ्य एवं शिक्षा क्षेत्रों को भी मजबूती प्रदान करेगा।
इस विधेयक के लागू होने से विदेशियों के पंजीकरण की प्रक्रिया और अधिक सख्त हो जाएगी। उन्होंने बताया कि ड्रग्स कार्टेल, हवाला कारोबारियों और घुसपैठियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, पासपोर्ट और वीजा नियमों को भी और अधिक कड़ा किया जाएगा।
बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठ पर चिंता
गृह मंत्री ने विशेष रूप से बांग्लादेश और म्यांमार से होने वाली अवैध घुसपैठ पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में रोहिंग्या घुसपैठियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ये घुसपैठिए भारत में अशांति फैलाते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बंगाल सरकार घुसपैठियों पर मेहरबान : शाह
अमित शाह ने पश्चिम बंगाल की ममता सरकार पर घुसपैठ को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बंगाल सरकार अवैध घुसपैठियों को रोकने में कोई सहयोग नहीं कर रही है।
गृह मंत्री ने बताया कि भारत-बांग्लादेश सीमा पर 450 किलोमीटर की बाड़ लगाने का काम अब तक अधूरा है, क्योंकि पश्चिम बंगाल सरकार इसके लिए जमीन उपलब्ध नहीं करा रही। उन्होंने कहा कि जब भी केंद्र सरकार बाड़ लगाने की कोशिश करती है, तो टीएमसी कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन करने लगते हैं और धार्मिक नारेबाजी होती है।
उन्होंने आगे कहा कि घुसपैठियों को न केवल बंगाल में जगह दी जा रही है, बल्कि उनके आधार कार्ड भी बनाए जा रहे हैं, जिससे वे देश के अन्य हिस्सों में भी फैल रहे हैं। अमित शाह ने आरोप लगाया कि बंगाल में दक्षिण 24 परगना जिले में सबसे ज्यादा अवैध आधार कार्ड पाए गए हैं।
अगले साल बंगाल में बनाएंगे सरकार
गृह मंत्री अमित शाह ने दावा किया कि बीजेपी अगले साल पश्चिम बंगाल में सरकार बनाएगी और फिर पूरे बॉर्डर क्षेत्र में बाड़ लगाने का काम पूरा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अब तक केंद्र सरकार ने बंगाल सरकार को 11 पत्र लिखे और इस मुद्दे पर 7 बैठकों का आयोजन किया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
टीएमसी का पलटवार
अमित शाह के इन आरोपों का जवाब देते हुए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद सौगत रॉय ने कहा कि बंगाल सरकार अवैध प्रवासियों को किसी तरह की सुरक्षा नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि बीजेपी पश्चिम बंगाल की छवि खराब करने की कोशिश कर रही है और आगामी चुनावों को देखते हुए झूठ फैला रही है।
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