
चीन और ताइवान के बीच चल रही तनातनी के बीच इजराइल ने शुक्रवार को गाजा पट्टी में हवाई हमले किए। जिसमें फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद समूह (PIJ) का सीनियर कमांडर तायसीर अल जबारी मारा गया। इन हमलों में 10 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की खबर है, जबकि कई लोग घायल भी हुए हैं। वहीं रिपोर्ट्स के मुताबिक, गाजा ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए इजराइल पर मिसाइलें दागी हैं।
अल-अता के बाद कमांडर बना था जबारी
इजराइली सेना के मुताबिक इस्लामिक जिहाद ग्रुप वेस्ट बैंक नेता बहा अबू अल-अता की गिरफ्तारी के जवाब में हमला करने की धमकी दे रहा था। हमले में मारा गया जबारी अल-अता के बाद कमांडर बना था। सेना ने बताया, ब्रेकिंग डाउन अभियान के तहत वह इस्लामिक जिहाद को निशाना बना रही है। यह ऑपरेशन “फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद के खिलाफ एक लक्षित अभियान था।”
इजराइल ने गाजा पट्टी में इस्लामी जिहाद साइटों को टार्गेट करके एक नए मिलिट्री ऑपरेशन शुरू करने का ऐलान किया है। इजराइल के प्रधानमंत्री यायर लैपिड ने कहा कि जब तक इसकी आवश्यकता होगी, तब तक यह ऑपरेशन चलता रहेगा।
इजराइल में ‘विशेष स्थिति’की घोषणा
इजराइल ने देश में भी ‘विशेष स्थिति’की घोषणा की है, जहां सीमा से 80 किलोमीटर के दायरे में सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं और लोगों की अन्य गतिविधियां रोक दी गई हैं। इजराइल ने इस सप्ताह की शुरुआत में गाजा के आसपास की सड़कों को बंद कर दिया था और सीमा पर अतिरिक्त जवानों को भेजा था। 1 अगस्त को कब्जे वाले पश्चिमी तट में हमास के एक वरिष्ठ सदस्य की गिरफ्तारी के बाद हमले की आशंका को देखते हुए इजराइल ने ऐसा किया था।
एक “विशेष स्थिति” एक कानूनी शब्द है जिसका उपयोग आपातकाल के समय किया जाता है, जिससे अधिकारियों को नागरिक आबादी पर अधिक अधिकार क्षेत्र प्रदान किया जाता है ताकि आबादी की सुरक्षा के प्रयासों को कारगर बनाया जा सके।
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पिछले 15 सालों से जारी है संघर्ष
इजराइल और फलस्तीन के हमास के बीच 15 सालों में चार युद्ध और कई छोटी झड़पें हुई हैं। हालिया समय में सबसे भीषण लड़ाई मई 2021 में हुई थी और इस साल की शुरुआत में भी इसकी आशंका बढ़ गई थी।