
पल्लवी वाघेला, भोपाल। बारिश के दौर में राजधानी की बस्तियों के बच्चे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। यहां बहने वाले नाले, खुली बावड़ियां -कुएं और जमा हो रहा कचरा जानलेवा साबित हो सकते हैं। इससे चिंतित होकर बच्चों ने खुद शासन-प्रशासन के कानों तक अपनी आवाज पहुंचाने का जिम्मा उठाया है। इन बस्तियों में चल रहे बाल-समूह के बच्चे नगर निगम को साफ-सफाई और खुले कुंए-बावड़ियों को बंद करने के लिए लिख रहे हैं। वे चाहते हैं कि त्वरित कार्यवाही हो, ताकि बच्चों को किसी अनहोनी से बचाया जा सके।

गंदगी का ढेर
शहर की आरिफ नगर, मांडना बस्ती, राजीव नगर, नवग्रह बस्ती सहित करीब झ्रकरीब हर बस्ती में गंदगी का ढेर लगा है। जगह जगह पानी भर जाता है और बच्चों के डूबने और बीमार होने का खतरा रहता है। बच्चों के मुताबिक इनमें से ज्यादातर बस्तियों में नगर निगम ने डस्टबिन भी नहीं रखवाई है। इसका जिक्र भी बच्चों ने पार्षद और नगर निगम आयुक्त को लिखे पत्र में किया है।

बस्तियों के डेंजर स्पॉट बंद करने के लिए लिखे हैं पत्र
हर बस्ती में अनेक समस्याएं हैं, खासकर बारिश में स्थितियां बेहद खराब हो रही हैं। हम भी साथी बच्चों को खतरनाक स्थानों से जाने से रोकते हैं। लेकिन जरूरत है कि नगर-निगम एक्शन लेकर साफ-सफाई कर, खुले डेंजर स्पॉट को बंद करे। इसके लिए बच्चे पत्र लिख रहे हैं। – विकास सोनी, बाल समूह सदस्य, नवग्रह बस्ती
क्या लिखा है चिट्ठियों में…
बावड़ी की दलदल में फंस गई थी भैंस
हम आपका ध्यान बस्ती में सफाई की दुर्व्यवस्था की ओर खींचना चाहते हैं। बस्ती के चारों ओर कुड़े-कचरे का ढेर लगा हुआ है। यहां मौजूद बावड़ी दलदल का रूप ले चुकी है, जिसमें कुछ दिन पहले भैंस फंस गई थी। यदि कोई छोटा बच्चा उसमें चला जाए तो पता भी नहीं चलेगा। बावड़ी के पास लगे नल से पानी भरना मजबूरी है, जबकि यहां दलदल और बदबू के कारण यहां से निकलना भी मुश्किल है।
खुला कुआं व कीचड़ ने मुसीबत खड़ी की
बच्चों को स्वस्थ रखने को लेकर बात की जाती है, लेकिन राजीव नगर का नाला जो बारिश में बहकर मांडना बस्ती तक आता है, इसकी बदबू सहन नहीं होती। हम लोग बीमार हो रहे हैं। यहां नगर निगम की डस्टबिन भी नहीं है। वहीं, नवग्रह में खुला कुंआ कचरे और कीचड़ से भर गया है और हादसे का कारण बन सकता है। हम कोशिश करते हैं कि बच्चे उसके पास न जाएं, लेकिन उनके पास खेलने की जगह भी नहीं है। ऐसे में नगर निगम को इसका तुरंत समाधान निकालना चाहिए।
बाहर नहीं निकलने देते
बारिश में हमारी बस्ती में हर जगह गंदा पानी भर जाता है। इतने मच्छर हो जाते हैं कि बीमार पड़ने के डर से मम्मी-पापा घर से बाहर ही नहीं निकलने देते। – अनुराधा सिंगाड, सूरज नगर बस्ती
स्कूल जाने में भी दिक्कत
बस्ती में आधी जगह ही रोड बनी है। मुझे कच्चे रास्ते से स्कूल जाना पड़ता है। बस्ती में डस्टबिन नहीं है तो उस रास्ते में बहुत गंदगी होती है। बहुत मुश्किल से निकल पाते हैं। – मिस्टी कुमारी, मांडवा बस्ती
बस्ती में डंप रहता है कचरा
नगर निगम कभी-कभी जब नालियों की सफाई करता है। कचरा नाली के किनारे ही छोड़कर चले जाते हैं। इससे बदबू के मारे हालत खराब हो जाती है। – कनक भाबोर, सेवनिया बस्ती
लगता है कहीं गिर न जाएं
दलदल बनी बावड़ी की वजह से हमारा खेलना ही बंद हो गया है। अम्मी को डर लगता है कि कहीं हम उसमें गिर न जाएं। उसमें से सांप और जहरीले कीड़े भी निकल रहे हैं। – आशु खान, आरिफ नगर बस्ती