
हर्षित चौरसिया-जबलपुर। महाशिवरात्रि पर्व नजदीक है, ऐसे में महाकाल के भक्तों में उनके नाम और फोटो का टैटू बनवाने का क्रेज बढ़ रहा है। खासकर युवाओं में महाकाल के नाम और उनकी तस्वीरों वाले टैटू बनवाने की होड़ है। शिवरात्रि से पहले महाकाल के भक्तों ने उनके चित्र और महामृत्यंजय मंत्र तक को शरीर पर गुदवाने के लिए टैटू आर्टिस्टों के पास एडवांस में बुकिंग कराई है।
आस्था और भक्ति का प्रतीक मानते हैं युवा
महाकाल टैटू बनवाने वाले युवा इसे अपनी भक्ति और आस्था का प्रतीक मानते हैं। यह टैटू उन्हें शक्ति, सुरक्षा और आत्मविश्वास का अनुभव कराता है। महाकाल टैटू में कई तरह के डिजाइन हैं। कुछ युवा महाकाल की तस्वीर, तो कुछ उनके त्रिशूल, डमरू या ओम जैसे प्रतीकों को अपने शरीर पर गुदवाते हैं। इसके अलावा, कुछ लोग महाकाल के मंत्रों और श्लोकों को भी टैटू के रूप में बनवाते हैं। लोकप्रियता पाने और समाज में अलग पहचान की सोच भी युवाओं को टैटू बनवाने के लिए प्रेरित कर रही है।
भगवान भोले नाथ मेरे आराध्य हैं। मैं शिवरात्रि से पहले अपने हाथ पर त्रिशूल के साथ महाकाल लिखवाऊंगी। इसके लिए टैटू आर्टिस्ट से पहले ही बुकिंग करा ली है। -जूही दुबे, भक्त, महाकाल
अभी मैंने हाथ पर छोटा सा त्रिशूल बनवाया था, लेकिन इस शिवरात्रि से पहले मैं हाथ पर महाकाल लिखवा रहा हूं। इसके लिए एक हफ्ते पहले से ही बुकिंग करवाई है। – दया जायसवाल, भक्त, महाकाल