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अब ग्रीन एरिया बढ़ाकर भोपाल का साल 2047 और इंदौर का 2041 तक का मास्टर प्लान तैयार

भोपाल के 2031 तक के प्लान में बड़े तालाब का कैचमेंट एरिया आने से किसानों ने किया था हंगामा

अशोक गौतम-भोपाल। भोपाल का मास्टर प्लान जो अब तक वर्ष 2031 के हिसाब से तैयार होना था, अब वर्ष 2047 के हिसाब से बनेगा। वहीं इंदौर का मास्टर प्लान वर्ष 2041 तक के हिसाब से आएगा। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग ने मास्टर प्लान तैयार कर लिया है। मुख्य सचिव की सहमति के बाद इसका प्रकाशन होगा। प्लान एरिया में अब तक दोनों शहरों में दस प्रतिशत ग्रीन एरिया का प्रावधान था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 15 से 17 प्रतिशत तक करने पर किया जाएगा। मालूम हो कि भोपाल में पहले जो 2031 तक का प्लान बना था, उसमें तालाब का कैचमेंट एरिया आने से विरोध शुरू हो गया था, उसके बाद ये बदलाव किया गया है।

मास्टर प्लान से फायदा

  • 18 मीटर की सड़कें होंगी।
  • अवैध कॉलोनियों पर अंकुश लगेगा।
  • हाईराइज भवनों का कल्चर बढ़ेगा।
  • कॉलोनाइजरों को भी अपनी-अपनी कॉलोनी में एरिया के अनुसार पार्क, पार्किंग का प्रावधान करना होगा।
  • न्यू मार्केट और एमपी नगर की तर्ज पर बाजार बसाए जाने का प्रावधान
  • शहर का सुनियोजित विकास।

भोपाल में मास्टर प्लान 2031 के इन बिदुओं पर थी आपत्ति

  • 32 पंचायतों को शामिल करने पर।
  • बड़े तालाब का कैचमेंट क्षेत्र बिना किसी मुआवजे एवं नोटिफिकेशन के 2800 हेक्टेयर से 3872 हेक्टेयर करने पर तालाब के नजदीक के गांवों के किसान लगातार आपत्ति ले रहे हैं।
  • हरियाली वाले क्षेत्र को सम्मलित करने पर नागरिकों की आपत्ति।

जानिए… टाउन एंड कंट्री प्लानिंग का दोनों शहरों के लिए प्लान

हेरिटेज टीडीआर: पुराने शहरों में हाईराइज भवन नहीं बनाए जा सकेंगे। इसके बदले में वहां के भवन स्वामियों को हेरिटेज ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट टीडीआर प्रमाण पत्र दिया जाएगा, जिसे वे बेच सकेेंगे।

ग्रीन टीडीआर : जिन किसानों की जमीन ग्रीन कॉरिडोर में आएगी, उसे ग्रीन टीडीआर दिया जाएगा। वहीं बड़े तालाब को बचाने के लिए भी मास्टर प्लान में शामिल किया गया है। यह एरिया ग्रीन टीडीआर में शामिल होगा लेकिन भूमि स्वामी को हरियाली दिखानी होगी।

स्टैंडर्ड डेवलपमेंट फंड : हर निकाय का अब अपना एक स्टेंडर्ड डेवलपमेंट फंड होगा। कॉलोनाइजरों को दी जाने वाली सुविधा फीस को इस फंड में रखा जाएगा।निकाय कॉलोनियों में सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।

आत्मनिर्भरता : निकायों को आत्म निर्भर बनाने तमाम प्रावधानों को शामिल किया गया है। इसमें विज्ञापन, पाइप लाइन, पार्किंग, मनोरंजन, हाट सहित अन्य स्थलों का प्रावधान किया गया है। इन क्षेत्रों से निकाय अपनी कमाई कर आत्मनिर्भर बन सकेंगे।

कुछ नए प्रावधानों के साथ मास्टर प्लान तैयार

मास्टर प्लान तैयार कर लिया गया है। दोनों शहरों के मास्टर प्लान जीआईएस, ड्रोन और डिजिटल तैयार किए गए हैं। जल्द ही मास्टर प्लान सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें कई अच्छे और नए प्रावधान किए गए हैं। -श्रीकांत बनोठ, आयुक्त टाउन एंड कंट्री प्लानिंग मप्र

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