
उज्जैन। भगवान महाकालेश्वर की भस्म आरती में शामिल होने देश-विदेश से भक्त यहां पहुंचते हैं। अब यात्री उज्जैन और इंदौर के रेलवे स्टेशनों पर भी भस्म आरती का अनुभव ले सकेंगे। इसके लिए यात्रियों को निर्धारित शुल्क चुकाना होगा। खास बात यह है कि उन्हें इस दौरान उन्हें बाबा महाकाल के पास खड़े होकर आरती में शामिल होने का एहसास होगा। इसके लिए रेलवे की ओर से एक निजी कंपनी को 2 साल का ठेका दिया गया है। जल्द ही कंपनी यह सेवा शुरू करेगी। महाकाल की भस्म आरती में हर कोई शामिल होना चाहता है, लेकिन कई लोग इससे वंचित रह जाते हैं। ऐसे भक्त उज्जैन और इंदौर रेलवे स्टेशन पर वीआर तकनीक के जरिए आरती का एहसास कर सकेंगे। यह एक ऐसी तकनीक है, जिसमें सिर पर वीआर हेडसेट पहनाया जाता है। इससे व्यक्ति 360 डिग्री घूमकर मंदिर में होने का एहसास करेगा। इसे पहनने के बाद व्यक्ति को लगता है कि वह मंदिर में मौजूद है।
बेंगलुरू के भक्त ने महाकाल मंदिर में दान किए चांदी के आभूषण
श्री महाकालेश्वर मंदिर में कर्नाटक के बेंगलुरू से पधारे श्री नागमर्राल्ली सूर्यकांत ने रजत आभूषण दान किए। मंदिर के पुजारी एवं पूर्व समिति सदस्य पं. राजेश शर्मा की प्रेरणा से एक मुकुट, दो नागधारी कुंडल भगवान महाकालेश्वर को अर्पित किए। रजत आभूषणों का कुल वजन 3 किलो 756 ग्राम है, जिसे श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल ने प्राप्त कर दानदाता का सम्मान किया व विधिवत रसीद प्रदान की गई। यह जानकारी मंदिर प्रबंध समिति के कोठारी मनीष पांचाल ने दी।