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संसद में गूंजा ‘सरके चुनर तेरी’ विवाद :मंत्री अश्विनी वैष्णव बोले- गाना बैन कर दिया, मेकर्स की सफाई- लोग गलत समझ रहे

नोरा फतेही और संजय दत्त के गाने ‘सरके चुनर तेरी’ को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। डबल मीनिंग लिरिक्स के कारण मामला संसद तक पहुंच गया। बढ़ते विरोध के बाद फिल्म केडी: द डेविल के इस गाने का हिंदी वर्जन YouTube से हटा दिया गया। जानिए पूरा विवाद, नोरा का बयान और सरकार की प्रतिक्रिया।
मंत्री अश्विनी वैष्णव बोले- गाना बैन कर दिया, मेकर्स की सफाई- लोग गलत समझ रहे
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    एंटरटेनमेंट डेस्क। पैन-इंडिया फिल्म KD: The Devil का आइटम सॉन्ग ‘सरके चुनर तेरी सरके’ रिलीज होते ही विवादों में घिर गया। गाने के डबल मीनिंग और कथित अश्लील लिरिक्स को लेकर सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक विरोध शुरू हो गया। मामला इतना बढ़ गया कि यह संसद तक पहुंच गया। बढ़ते दबाव और आलोचना के बाद मेकर्स ने गाने का हिंदी वर्जन YouTube से हटा दिया है। इस पूरे विवाद पर एक्ट्रेस नोरा फतेही का भी बयान सामने आया।

    संसद में उठा मुद्दा

    यह विवाद तब और बड़ा हो गया जब लोकसभा में भी इस गाने का मुद्दा उठा। समाजवादी पार्टी के सांसद आनंद भदोरिया ने संसद में गाने की कथित अश्लीलता पर सवाल उठाए। इस पर सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जवाब देते हुए कहा कि, विवादित गाने को बैन कर दिया गया है।

    उन्होंने कहा कि, हमें अभिव्यक्ति की आजादी के तहत तय की गई उचित पाबंदियों के दायरे में रहते हुए काम करना चाहिए। बोलने की आजादी पूरी तरह असीमित नहीं हो सकती। इसे समाज और संस्कृति के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। मंत्री ने यह भी कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर तेजी से फैलने वाले कंटेंट को देखते हुए सरकार बच्चों, महिलाओं और समाज के कमजोर वर्गों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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    नोरा फतेही ने क्या कहा

    विवाद बढ़ने के बाद नोरा फतेही ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर करते हुए अपनी सफाई दी। उन्होंने कहा कि, उन्हें कन्नड़ भाषा समझ नहीं आती, इसलिए उन्होंने वही किया जो फिल्म के मेकर्स ने उनसे कहा था। नोरा के मुताबिक जब उन्होंने गाने का हिंदी वर्जन सुना तो उन्हें अंदाजा हो गया था कि यह विवाद खड़ा कर सकता है।

    नोरा ने बताया कि, यह गाना लगभग तीन साल पहले शूट किया गया था और उन्हें शुरू में बताया गया था कि, यह नायक नहीं खलनायक हूं मैं का रीमेक होगा। उन्होंने कहा कि उन्होंने डायरेक्टर को भी चेतावनी दी थी कि, यह गाना विवाद पैदा कर सकता है, लेकिन उनकी बात नहीं मानी गई।

    गाना हटाने पर जताई खुशी

    नोरा फतेही ने गाने के हटाए जाने का समर्थन किया और लोगों से इसे आगे शेयर न करने की अपील भी की। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि, मैं नहीं चाहती कि किसी को लगे कि मैं इस गाने का समर्थन करती हूं। विरोध के लिए धन्यवाद, इसी दबाव की वजह से फिल्म निर्माताओं ने इसे हटा दिया। मैं सभी से अनुरोध करती हूं कि इस गाने को शेयर करना बंद करें। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग इस विवाद का फायदा उठाकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।

    गाने के लिरिक्स पर मचा विवाद

    14 मार्च को रिलीज हुए इस गाने में नोरा फतेही और संजय दत्त नजर आए थे। गाने के रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर इसके बोल और डांस स्टेप्स को लेकर तीखी प्रतिक्रिया आने लगी। कई यूजर्स और सामाजिक संगठनों ने आरोप लगाया कि गाने के बोल बेहद अश्लील और डबल मीनिंग हैं। इसके बाद गाने के खिलाफ शिकायतें भी दर्ज कराई गईं। विरोध इतना बढ़ गया कि लोगों ने इसे तुरंत हटाने की मांग शुरू कर दी। लगातार बढ़ते विरोध और आलोचना के बाद आखिरकार मेकर्स ने इसका हिंदी वर्जन YouTube से हटा दिया। हालांकि कन्नड़, तमिल, तेलुगु और मलयालम भाषाओं में यह गाना अभी भी उपलब्ध है।

    यह भी पढ़ें: ‘मेरे साथ हुआ धोखा, सच नहीं बताया...’ विवादित गाना 'सरके चुनर तेरी' पर बवाल के बीच नोरा का फूटा गुस्सा

    डायरेक्टर ने दी सफाई

    फिल्म के निर्देशक प्रेम जोगी ने भी विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि, लोगों ने पूरे गाने को सुने बिना ही निष्कर्ष निकाल लिया है। उनके मुताबिक गाने का पूरा संदर्भ समझे बिना उस पर टिप्पणी करना गलत है।

    उन्होंने कहा कि, अगर किसी का नजरिया सही है तो वह इस गाने को गलत तरीके से नहीं देखेगा। लोग असली वीडियो देखे बिना ही प्रतिक्रिया दे रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि, सेंसर बोर्ड का फैसला उन्हें स्वीकार होगा, लेकिन उनका इरादा किसी को ठेस पहुंचाने का नहीं था।

    डायरेक्टर की पत्नी ने उठाए सवाल

    विवाद के बीच निर्देशक की पत्नी और पूर्व अभिनेत्री रक्षिता प्रेम  ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पहले भी कई गानों में इसी तरह के बोल रहे हैं, तब इतनी बड़ी आपत्ति क्यों नहीं हुई। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि, खलनायक का गाना चोली के पीछे क्या है और कई अन्य गानों में भी इसी तरह के बोल थे, लेकिन उस समय इतना विवाद नहीं हुआ।

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    गीतकार ने झाड़ा पल्ला

    इस विवाद में गाने के गीतकार रकीब आलम ने भी खुद को इससे अलग कर लिया है। उन्होंने बताया कि, गाने के मूल बोल कन्नड़ भाषा में निर्देशक ने लिखे थे और उनसे सिर्फ उसका हिंदी अनुवाद करने को कहा गया था। रकीब आलम के मुताबिक उन्होंने पहले ही कहा था कि इस तरह के बोल सेंसर हो सकते हैं और विवाद पैदा कर सकते हैं।

    फिल्म इंडस्ट्री से भी आई प्रतिक्रियाएं

    इस विवाद पर फिल्म इंडस्ट्री के कई लोगों ने भी प्रतिक्रिया दी। सिंगर अरमान मलिक ने कहा कि, यह देखकर दुख होता है कि कमर्शियल सॉन्ग राइटिंग का स्तर इतना नीचे गिर गया है। वहीं फिल्ममेकर ओनिर ने सेंसरशिप को लेकर बहस छेड़ी और सवाल उठाया कि फिल्मों में किस तरह के कंटेंट को लेकर सेंसर की प्राथमिकताएं क्या हैं।

    इसके अलावा अभिनेत्री कंगना रनौत ने भी इस गाने की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि, बॉलीवुड ने अश्लीलता और सस्ती लोकप्रियता के लिए सारी सीमाएं पार कर दी हैं। ऐसे कंटेंट पर सख्ती जरूरी है।

    यह भी पढ़ें: ‘सभी प्लेटफॉर्म से हटाएं…’ नोरा के 'सरके चुनर' गाने पर सरकार का एक्शन, CBFC को दिए जांच और हटाने के निर्देश

    क्या है ‘केडी: द डेविल’ फिल्म

    पैन-इंडिया फिल्म KD: The Devil 30 अप्रैल 2026 को रिलीज होने वाली है। फिल्म में मुख्य भूमिका Dhruva Sarja निभा रहे हैं। फिल्म में संजय दत्त, शिल्पा शेट्टी, रमेश अरविंद, जिशु सेनगुप्ता और रेशमा नानाइया जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। यह फिल्म KVN प्रोडक्शन के बैनर तले बनाई जा रही है, जिसने पहले भी कई बड़े प्रोजेक्ट्स बनाए हैं।

    सेंसरशिप और कंटेंट पर नई बहस

    ‘सरके चुनर तेरी’ विवाद ने एक बार फिर फिल्मों और गानों में कंटेंट की सीमा और सेंसरशिप को लेकर नई बहस छेड़ दी है। एक तरफ कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कई लोग इसे समाज और संस्कृति के खिलाफ मानते हुए सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

    डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते प्रभाव के कारण ऐसे कंटेंट का असर भी पहले से ज्यादा तेज़ी से फैलता है, जिसके कारण सरकार और समाज दोनों ही इस मुद्दे को गंभीरता से देख रहे हैं।

    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...

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