
इंदौर। क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार को 5 आरोपियों को हथियार के साथ पकड़ा था। इंदौर हथियार खरीदने आए सभी आरोपी पंजाब की नामी शिशु गैंग के सदस्य है। उनकी कई सालों से पंजाब की शेरा गैंग से दुश्मनी चल रही है। पहले आरोपियों ने पुलिस को कुछ अलग कहानी सुनाई थी। पुलिस ने जब आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की तो सभी ने जो खुलासे किए वो बड़े चौकाने वाले थे।
दोनों के बीच हुई थी बड़ी गैंगवार
सभी पकड़ाए आरोपी शिशु गैंग के सदस्य है और एक बड़ी गैंगवार के लिए उन्होंने इंदौर से हथियार खरीदे थे। आरोपी के साथ पंजाब की एक बड़ी गैंग शेरा से सालों पुरानी दुश्मनी है। दोनों के बीच 1 नंबवर को एक बड़ी गैंगवार हुई थी, जिसमें गुरप्रीत सिंह उर्फ लाड़ी शूटर की हत्या कर दी गई थी। लाड़ी शूटर शिशु गैंग का सदस्य था, जिन्होंने हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में अप्रैल 2022 को गोलियों की वारदात को अंजाम दिया था। इसके बाद पुलिस द्वारा गैंग के मुखिया शिशु सहित उसके साथियों और लाडी शूटर को गिरफ्तार करने सहित अवैध हथियार भी बरामद किए थे।
इंदौर क्राइम ब्रांच पंजाब पुलिस से संपर्क कर इन सभी आरोपियों की कुंडली निकल रही है। जिससे की इन आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड और यह इंदौर से कितनी बार हथियार को ले जा चुके हैं। यह जानकारी भी सामने आ सकेंगी।
सस्ते हथियार खरीदने इंदौर आए थे गैंग के सदस्य
डीसीपी निमिष अग्रवाल के अनुसार, इस गैंग में मुख्य आरोपी जगसीर अटवाल है, जिसकी पंजाब की शेरा गैंग से दुश्मनी है। एक साल पूर्व गैंग ने उसकी हत्या की साजिश की थी। गैंग के शूटर ने जगसीर की जगह उसकी पत्नी को गोली मार दी। इस दिनों गैंग द्वारा एक-दूसरे से बदले के लिए इंदौर में शिशु गैंग के सदस्य इंदौर से हथियार खरीदने आये थे। पुलिस के अनुसार, पंजाब में शिशु गैंग द्वारा शेरा गैंग ने दोबारा हमला किया और जगसीर के भाई को गवाही देने पर गोली मार दी थी। इस दोनों गैंग की द्वारा लगातार दुश्मनी चल रही है और इसलिए ही दोनों गैंग में से एक शिशु गैंग के सदस्य सस्ते हथियार खरीदने इंदौर आए थे।
इंदौर के आसपास में मिल जाते हैं सस्ते हथियार
बुरहानपुर जिले का 5 हजार की आबादी वाला पाचोरी गांव देसी पिस्टल के निर्माण और देशभर में सप्लाई को लेकर कुख्यात है। सतपुड़ा की पहाड़ी पर बसे इस छोटे से गांव में बने हथियारों की मांग देशभर में रहती है। कुछ सालों में दिल्ली हो या फिर जबलपुर, भोपाल, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई… यहां पकड़े गए हथियार पाचोरी से बने निकले हैं। यही नहीं बुरहानपुर, बड़वानी, खरगोन, धार जिले के कुछ क्षेत्रों की पहचान ही अवैध हथियारों के निर्माण से है। यहां कई घर हथियारों की फैक्ट्री बने हुए हैं। देशभर में यहां से इनकी तस्करी की जा रही है।
इन जगह बन रहे अवैध हथियार
खरगोन जिले के सिगनूर और भगवानपुरा क्षेत्र के कुछ गांव में अवैध हथियार बनाए जा रहे हैं। तस्कर पुलिस से बचने के लिए झोले में अवैध पिस्टल व कट्टे बनाने का सामान लेकर चलते हैं। मौका मिलते ही हाथोंहाथ हथियार बनाकर बेच देते हैं। बड़वानी जिले के उमर्टी के तार देशभर में अवैध हथियारों के बरामद होने पर कई मर्तबा जुड़े हैं। सेंधवा अंचल के वरला थाना क्षेत्र के उमर्टी के सिकलीगर पिस्तौल से कार्बाइन तक बनाकर बेच रहे हैं। ये यूट्यूब चैनल बनाकर उस पर हथियारों का प्रदर्शन कर इन्हें बेच रहे हैं। हाल ही में पंजाब पुलिस ने उमर्टी में दबिश देकर एक आरोपित को अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया था।
कई बार कर चुकी है पंजाब पुलिस कार्रवाई
10 जुलाई 2021 को पंजाब की कपूरथला पुलिस ने पंजाब के गैंगस्टरों को अवैध हथियार उपलब्ध कराने वाले बलजीत सिंह उर्फ स्वीटी को गिरफ्तार किया था। वह यूट्यूब पर हथियारों का प्रदर्शन कर बेच रहा था। 6 फरवरी 2020 को पुलिस ने हरियाणा व पंजाब के 5 खूंखार आरोपितों को उमर्टी से खरीदे गए हथियारों के साथ घेराबंदी कर पकड़ा था। महाराष्ट्र सीमा पर बसे उमर्टी के आसपास के जंगलों में वर्षों बाद भी पुलिस अवैध हथियार निर्माण को रोकने में असफल रही थी। उमर्टी की जनसंख्या 2450 है। इनमें सिकलीगर समाज के लोगों की संख्या करीब 600 है। ये लोग 200 रुपए की सामग्री में दो दिन में एक पिस्टल तैयार कर लेते हैं। यह 8 से 10 हजार रुपए तक में बिक जाती है।
(इनपुट – हेमंत नागले)