नेहा बोरा रिहा, अभिजीत दीपके पर पुलिस की कार्रवाई जारी! तिरंगा मार्च के बाद दिल्ली में बढ़ा विवाद

नई दिल्ली। दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के बीच पुलिस की कार्रवाई चर्चा में है। 16 अक्टूबर 2026 को ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च में शामिल होने की तैयारी कर रहे AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा और कॉकक्रोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को पुलिस ने हिरासत में लिया था। नेहा बोरा को जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद रिहा कर दिया गया। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने दीपके के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धाराओं 126 और 170 के तहत कार्रवाई शुरू की है।
तिरंगा मार्च से पहले पुलिस ने की कार्रवाई
दिल्ली के कनॉट प्लेस और मंडी हाउस इलाके में 16 अक्टूबर को प्रदर्शन की तैयारी थी। मार्च के आयोजकों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई थी। प्रदर्शन के दौरान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर भी सवाल उठाए गए। दिल्ली पुलिस ने मार्च की अनुमति और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए कार्रवाई की। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अलग-अलग स्थानों से 150 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया।
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नेहा बोरा की रिहाई के बाद क्या हुआ?
AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को मंडी हाउस के पास हिरासत में लिया गया था। संगठन ने आरोप लगाया कि कई घंटों तक उनके ठिकाने की जानकारी नहीं मिल सकी और वकीलों को उनसे संपर्क करने में परेशानी हुई। नेहा ने रिहाई के बाद पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने हिरासत में रखने के तरीके और कानूनी सलाह लेने में हुई कथित परेशानी को लेकर चिंता जताई। पुलिस के अनुसार, दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 65 के तहत जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
अभिजीत दीपके पर क्यों हुई कार्रवाई?
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके को मार्च में शामिल होने से पहले दिल्ली के झंडेवालान इलाके में हिरासत में लिया गया था। पुलिस ने उन्हें प्रदर्शन नहीं करने की हिदायत देते हुए नोटिस दिया था। अधिकारियों के अनुसार, बिना अनुमति मार्च निकालने से यातायात और आम लोगों को परेशानी होने की आशंका थी। दिल्ली पुलिस ने दीपके के खिलाफ BNSS की धाराओं 126 और 170 के तहत कार्रवाई शुरू की। पुलिस के मुताबिक, उन्हें विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाना है।
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CJP ने उठाए हिरासत पर सवाल
दीपके की हिरासत के बाद CJP ने सोशल मीडिया पर उनके ठिकाने की जानकारी नहीं मिलने का दावा किया था। पार्टी ने पुलिस से हिरासत का आधार बताने और उन्हें अपने वकीलों से संपर्क करने देने की मांग की। हालांकि, पुलिस ने अपनी कार्रवाई को एहतियाती कदम बताया है।



















