मेरठ: अमित हत्याकांड में दोषी पत्नी रविता और प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा, 13 महीने बाद आया फैसला

मेरठ। शुक्रवार को सजा सुनाने से पहले अदालत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दोनों दोषियों का पक्ष सुना। रविता ने अपने तीन छोटे बच्चों की देखभाल की गुहार लगाई, जबकि अमरदीप ने बूढ़े माता-पिता की सेवा का हवाला दिया। 17 अप्रैल 2025 की रात हुई इस हत्या के मामले में पुलिस ने 60 दिन बाद चार्जशीट दाखिल की थी और 7 अक्टूबर को दोनों को दोषी करार दिया गया था।
547 दिन बाद रविता और अमरदीप को फांसी की सजा
मेरठ जिला कोर्ट ने पति अमित कश्यप की हत्या के मामले में रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा सुनाई है। दोनों ने हत्या को सांप के डसने से हुई मौत दिखाने की कोशिश की थी। अदालत ने मामले को रेयरेस्ट ऑफ रेयर यानी दुर्लभतम श्रेणी का अपराध माना और दोनों को मृत्युदंड दिया।
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वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुना गया दोनों का पक्ष
शुक्रवार को सजा सुनाने से पहले कोर्ट ने रविता और अमरदीप से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उनकी बात सुनी। जज ने दोनों से पूछा कि हत्या का दोषी ठहराए जाने के बाद वे क्या सजा चाहते हैं। इस पर रविता ने कहा कि उसके तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं और उनका ख्याल रखा जाए, जबकि अमरदीप ने अपने बूढ़े माता-पिता की देखभाल करने वाला कोई नहीं होने की बात कही।
जज ने कहा- केवल काट डालना ही जघन्य अपराध नहीं
अपनी बात रखने के बाद रविता और अमरदीप फूट-फूटकर रोने लगे। एसीजेएम-12 जयवीर सिंह नागर ने नीला ड्रम हत्याकांड का नाम लिए बिना कहा कि केवल काट डालना ही जघन्य अपराध नहीं है। फैसले में जज ने सती सावित्री का जिक्र करते हुए कहा कि पत्नी पति की लंबी उम्र के लिए करवाचौथ का व्रत रखती है, लेकिन यहां प्रेमी के साथ मिलकर जो कृत्य किया गया, वह माफी के लायक नहीं है।
पति की हत्या कर सांप के डसने की बनाई कहानी
17 अप्रैल 2025 की रात रविता ने अमरदीप के साथ मिलकर अपने पति अमित कश्यप की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। इसके बाद हत्या को छिपाने और मौत को सांप के डसने का मामला दिखाने के लिए बिस्तर पर सांप छोड़ दिया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, सांप ने अमित को 10 बार डसा था। पुलिस ने हत्या के 60 दिन बाद चार्जशीट दाखिल कर दी थी।




















