'बांग्लादेश मॉडल' वाले बयान पर घिरीं AISA अध्यक्ष नेहा बोरा, बीजेपी बोली- यह भारत में लोकतंत्र तबाह करने की साजिश

नई दिल्ली। देश में वोटिंग अधिकारों और SIR (विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण) प्रक्रिया को लेकर जारी सियासी दंगल के बीच एक नया विवाद खड़ा हो गया है। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा के एक बयान ने राजनीतिक पारे को गरमा दिया है। नेहा बोरा ने भारत में हो रहे विरोध प्रदर्शनों की तुलना बांग्लादेश के छात्र आंदोलन से कर दी, जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इसे देश के संविधान और लोकतंत्र को नष्ट करने की साजिश करार दिया है।
क्या है विवादित बयान?
एक हालिया साक्षात्कार के दौरान AISA अध्यक्ष नेहा बोरा ने SIR विरोधी प्रदर्शनों को बांग्लादेश के घटनाक्रम से जोड़ते हुए कहा कि बांग्लादेश के आंदोलन ने दुनिया भर के 'Gen-Z' (युवा पीढ़ी) को एक नया रास्ता दिखाया है। उनके मुताबिक, बांग्लादेश की लड़ाई लोकतंत्र और वोट के अधिकार के लिए थी, और भारत का युवा भी अपने अधिकारों की रक्षा के लिए उसी रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।
राहुल गांधी से कनेक्शन पर बीजेपी का हमला
इस बयान के सामने आते ही बीजेपी ने मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। गौरतलब है कि मुख्य चुनाव आयुक्त और SIR प्रक्रिया के खिलाफ राहुल गांधी द्वारा निकाले गए सुप्रीम कोर्ट मार्च में नेहा बोरा एक प्रमुख चेहरे के रूप में उभरी थीं। राहुल गांधी ने उन्हें अपने प्रदर्शनों में आगे रखा था और अपनी चाय पार्टी में भी आमंत्रित किया था। बीजेपी का आरोप है कि नेहा बोरा इस पूरे विरोध आंदोलन की 'पोस्टर गर्ल' हैं और उनका यह बयान राहुल गांधी की असली राजनीतिक सोच को उजागर करता है।
'सत्ता परिवर्तन की साजिश' - बीजेपी
नेहा बोरा की टिप्पणी पर कड़ा ऐतराज जताते हुए बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस का पूरा तंत्र लोकतांत्रिक तरीकों से राजनीतिक विरोध में कोई रुचि नहीं रखता। उनका असल मकसद चुनावी प्रक्रिया से परे अराजकता फैलाकर 'सत्ता परिवर्तन' (Regime Change) लाना है। बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि राहुल गांधी के विरोध आंदोलन का चेहरा बनीं नेहा बोरा ने खुद स्वीकार किया है कि वह बांग्लादेश के आंदोलन से प्रेरित हैं और भारत में भी वही दोहराना चाहती हैं। इससे साबित होता है कि इनका इरादा राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि भारत के संविधान और लोकतंत्र को नष्ट करना है।"
गरमाया सियासी माहौल
नेहा बोरा के इस बयान के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। बीजेपी जहां इसे देश के भीतर अराजकता फैलाने की सुनियोजित कोशिश बता रही है, वहीं विपक्षी खेमे में इस बयान को लेकर खामोशी है।




















