
दिल्ली म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन (MCD) में भी भाजपा की सरकार बनने की संभावना बढ़ गई है। शनिवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के तीन पार्षद भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा में शामिल होने वाले पार्षदों में एंड्रयूज गंज से अनीता बसोया, आरके पुरम से धर्मवीर और चपराना से निखिल शामिल हैं। भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने पार्टी में उनका स्वागत किया। इसके अलावा, AAP के चार और नेता भी भाजपा में शामिल हो गए। इनमें संदीप बसोया भी शामिल हैं, जो नई दिल्ली जिले के AAP अध्यक्ष रह चुके हैं। उन्होंने अपने समर्थकों के साथ भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।
MCD में नंबर गेम में कौन आगे
दिल्ली नगर निगम (MCD) में कुल 250 पार्षद होते हैं, लेकिन 11 पार्षद सांसद और विधायक बनने के बाद अब यह संख्या घटकर 239 रह गई है। इनमें से आम आदमी पार्टी (AAP) के पास 119 पार्षद थे, जबकि भाजपा के पास 113 और कांग्रेस के पास 7 पार्षद थे। लेकिन AAP के 3 पार्षदों के भाजपा में शामिल होने के बाद उनकी संख्या घटकर 116 रह गई है, जिससे भाजपा और AAP के बीच का अंतर सिर्फ 3 सीटों का रह गया है।
दिल्ली में बन सकती है ट्रिपल इंजन
इसके साथ AAP पार्षदों के लगातार भाजपा में जाने से दिल्ली में ‘ट्रिपल इंजन’ सरकार बनने की संभावना बढ़ गई है। विधानसभा में पहले से सत्ता में मौजूद भाजपा अब नगर निगम में भी सत्ता परिवर्तन के करीब पहुंच गई है। ऐसे में अप्रैल के अंत में होने वाले मेयर चुनाव में भाजपा का मेयर बनना लगभग तय माना जा रहा है।
अप्रैल में होंगे MCD के चुनाव
दिल्ली म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन (MCD) के मेयर का चुनाव इस साल अप्रैल में होने वाला है। पिछला चुनाव नवंबर 2024 में हुआ था। लेकिन उनका कार्यकाल सिर्फ 5 महीने का था। उस चुनाव में AAP के महेश खिंची ने भाजपा के किशन लाल को मात्र 3 वोटों के अंतर से हराया था। कुल 263 वोट डाले गए थे, जिनमें से खिंची को 133, लाल को 130 वोट मिले, जबकि 2 वोट अवैध घोषित कर दिए गए थे।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 48 सीटें जीतीं, AAP की सीटें घटकर 22 हुईं
8 फरवरी को आए दिल्ली चुनाव के रिजल्ट में भाजपा ने 70 में से 48 सीटें जीतकर 26 साल बाद सत्ता में वापसी की। पिछले 2 विधानसभा चुनावों की तरह कांग्रेस को इस बार भी एक भी सीट पर जीत नहीं मिली। भाजपा की 71% स्ट्राइक रेट के साथ 40 सीटें बढ़ीं। वहीं, AAP को 40 सीटों का नुकसान हुआ। आप का स्ट्राइक रेट 31% रहा।