
भोपाल। मध्य प्रदेश की 16वीं विधानसभा के विशेष सत्र के तीसरे दिन बुधवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं वरिष्ठ नेता नरेंद्र सिंह तोमर को सर्वसम्मति से मध्य प्रदेश विधानसभा का अध्यक्ष निर्वाचित घोषित कर दिया गया। इसके तत्काल बाद उन्होंने कार्यभार भी ग्रहण कर लिया। तोमर ग्वालियर चंबल इलाके से पहले और मप्र विधानसभा के 15वें अध्यक्ष बने हैं।
सीएम समेत इन नेताओं ने रखा तोमर के नाम का प्रस्ताव
नवगठित 16वीं विधानसभा के अध्यक्ष पद के लिए नरेंद्र सिंह तोमर के नाम का प्रस्ताव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और भूपेंद्र सिंह ने रखा। इसके अलावा वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय सिंह, डॉ. राजेंद्र कुमार सिंह और जयवर्धन सिंह की ओर से भी तोमर के नाम का प्रस्ताव रखा गया। देखें वीडियो…
कांग्रेस नेताओं ने भी किया समर्थन
इसका समर्थन कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, प्रहलाद पटेल, राजेंद्र शुक्ल, रामनिवास रावत, हेमंत कटारे और तुलसी सिलावट ने किया। इसके बाद प्रोटेम स्पीकर गोपाल भार्गव ने तोमर को निर्वाचित घोषित कर दिया। निर्वाचन की प्रक्रिया पूर्ण होने पर तोमर ने विधिवत तरीके से कामकाज संभाल लिया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने तोमर को बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा कि सदन की गौरवशाली परंपराएं और मजबूत होंगी।
दिमनी विधानसभा सीट से विधायक हैं तोमर
तोमर मुरैना जिले की दिमनी विधानसभा सीट से निर्वाचित हुए हैं। तोमर का जन्म मुरैना जिले की पोरसा तहसील के औरेठी गांव में 12 जून 1957 को हुआ। उनके पिता मुंशी सिंह तोमर पेशे से किसान थे। स्नातक तक शिक्षा हासिल करने वाले तोमर केंद्र और राज्य सरकार में महत्वपूर्ण विभागों का दायित्व मंत्री के रूप में संभालते आए हैं।
चुनाव में जीत के साथ छोड़ा कृषि मंत्री का पद
नरेंद्र सिंह तोमर ने इस साल मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में विजयी होने के बाद मुरैना संसदीय सीट के साथ ही केंद्रीय कृषि मंत्री के पद से त्यागपत्र दे दिया। वे विधानसभा चुनाव में प्रदेश भाजपा चुनाव प्रबंधन समिति के संयोजक के रूप में कार्य करते रहे। तोमर 2019 के लोकसभा चुनाव में मुरैना संसदीय सीट से भाजपा के टिकट पर सांसद चुने गए थे।