PM IN MP : पीएम मोदी का विरोधियों पर तंज- गरीबों की तकलीफ जानने के लिए मुझे किताबों की जरूरत नहीं पड़ती, 100 करोड़ की लागत से संत रविदास के स्मारक और संग्रहालय का किया भूमिपूजन

सागर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज एक बार फिर मध्य प्रदेश को सौगात दी है। उन्होंने बड़तूमा में संत रविदास स्मारक स्थल पहुंचकर गैंती से जमीन खोदकर भूमिपूजन किया। संतों से मुलाकात की। पीएम मोदी ने संत रविदास की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। पीएम ने रिमोट का बटन दबाकर बीना-कोटा रेल लाइन का शुभारंभ किया। दो सड़क परियोजनाओं का भी लोकार्पण हुआ। इस दौरान उनके साथ राज्यपाल मंगुभाई पटेल, सीएम शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार मौजूद रहे।
पीएम ने रिमोट का बटन दबाकर बीना-कोटा रेल लाइन का शुभारंभ किया।[/caption]
पीएम मोदी ने संत रविदास की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।[/caption]
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पीएम मोदी ने गैंती से जमीन खोदकर संत रविदास के भव्य मंदिर-विशाल स्मारक का भूमि-पूजन किया।[/caption]
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खजुराहो एयरपोर्ट पर पीएम मोदी का स्वागत।[/caption]
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचे खजुराहो एयरपोर्ट।[/caption]
पीएम मोदी का संबोधन
- भारत माता के जयकारे के साथ पीएम मोदी ने संबोधन शुरू किया।
- सागर में समरसता का महासागर उमड़ा, देश की इसी सांझी संस्कृति को और समृद्ध करेगा संत रविदास स्मारक।
- पीएम बोले- शिलान्यास आज किया है, जब मंदिर बन जाएगा तो फिर आऊंगा, मुझे बनारस में संत रविदास की जन्मस्थली पर जाने का कई बार सौभाग्य मिला, इस स्मारक और संग्रहालय में भव्यता के साथ दिव्यता भी होगी।
- 20 हजार से ज्यादा गांवों की मिट्टी और 300 से ज्यादा नदियों का जल यहां लाया गया है, एक मुट्ठी मिट्टी के साथ-साथ एमपी के लाखों परिवारों ने समरसता भोज के लिए एक एक मुट्ठी अनाज भी भेजा है।
- प्रेरणा और प्रगति जब साथ जुड़ते हैं तो नए युग की नींव पड़ती है, कोटा-बीना रेल लाइन के डबलिंग का भी लोकार्पण, दो मार्गों का शिलान्यास भी किया, विकास के ये काम सागर और आस-पास के लोगों को बेहतर सुविधा देंगे।
- संत रविदास स्मारक की नींव अमृत काल की शुरूआत में पड़ी है, हमारी जिम्मेदारी है कि अपनी विरासत को आगे बढ़ाएं और अतीत से सबक भी लें, एक राष्ट्र के रूप में सदियों की यात्रा की है। इस दौरान बुराईयां भी आईं, लेकिन समय-समय पर महापुरुषों ने इन बुराइयों को खत्म किया, मुगलों के शासन के दौरान संत रविदास ने उत्पीड़न, अत्याचार के दौर मे समाज को जगाया, वे समाजिक कुरीतियों के खिलाफ संदेश दे रहे थे।
- मुगल काल में कहा था पराधीनता पाप है, जान लेहो रे मीत, रैदास पराधीन सौ, कौन करेहे प्रीत।
- संत रविदास से प्रेरणा लेकर क्षत्रपति शिवाजी ने हिंदवी स्वराज की नींव पड़ी, रविदास ने कहा - ऐसो चाहूं राज में, जहां मिलई सबन को अन्न, छोटों-बड़ों सब सम बसें, रैदास रहें प्रसन्न।
पीएम ने रिमोट का बटन दबाकर बीना-कोटा रेल लाइन का शुभारंभ किया।[/caption]
- कोविड काल में तय किया कि चाहे जो हो जाए गरीब को खाली पेट सोने नहीं दूंगा, मैं जानता हूं भूखे रहने की तकलीफ क्या होती है, मैं जानता हूं गरीब का स्वाभिमान क्या होता है, मैं तो आपके ही परिवार का सदस्य, आपका सुख-दुख समझने के लिए मुझे किताबें नहीं देखनी पड़तीं।
- पहले की सरकारोंं की योजनाएं चुनावी मौसम के हिसाब से आती थीं, हमारी सोच - जीवन के हर पढ़ाव पर देश ,दलित, पिछड़े, वंचित, आदिवासी, महिलाओं के साथ खड़े हों।
- बीते सालों में साढ़े 5 करोड़ माताओं और बच्चों का टीकाकरण किया, 7 करोड़ भाई-बहनों को सिकल सेल एनीमिया से बचाने का अभियान जारी, 2025 तक टीबी मुक्त देश बनाने पर काम जारी।
- इलाज की जरूत होती है तो आयुष्मान के जरिए मुफ्त इलाज, मोदी कार्ड के जरिए मिलता है पांच लाख तक का इलाज।
- हर वर्ग के लिए योजनाएं बनाईं, जन्म लेने से पहले ही शुरू हो जाता है योजनाओं का लाभ मिलना।
- स्टैंड अप योजना के तहत दलित आदिवासियों को 8 हजार करोड़ का लाभ दिया गया। दलित, वंचित, पिछड़ा घर के बगैर न रहे, हर गरीब के सिर पर छत हो इसके लिए पीएम आवास योजना बनाई।
- एससी-एसटी समाज के लोग अपने पांव पर खड़े हो रहे हैं, बराबरी के साथ खड़े हो रहे हैं, सागर की पहचान लाखा बंजारा झील से होती है, लाखा बंजारा जैसे वीर ने सालों पहले पानी की अहमियत समझकर 400 एकड़ में तालाब बनाया था, बाद की सरकारों ने इसकी अहमियत नहीं समझी लेकिन हमने उनकी परंपरा को आगे बढ़ाया और घर-घर पानी पहुंचा रहे हें।
- देश महापुरुषों की विरासत को गर्व के साथ सहेज रहा है, बनारस में संत रविदास की जन्मस्थली पर मंदिर का सौंदर्यीकरण किया, भोपाल के गोविंदपुरा में ग्लोबल स्किल पार्क का नाम रविदास के नाम पर रखा गया। बाबा साहब से जुड़े पंचतीर्थ बनाए, हबीबगंज और पातालपानी स्टेशन के नाम रानी कमलापति और टंट्या मामा के नाम पर रखे गए।
सीएम शिवराज का संबोधन
- संबोधन की शुरुआत में बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्था न होने पर सीएम शिवराज ने लोगों से माफी मांगी।
- इस भव्य स्मारक के जरिए आने वाली पीढ़ियां संत रविदास के मार्ग पर चलेंगी, जनता की जिंदगी की आवश्यकताएं पूरा करने का काम मोदी सरकार ने किया, योजनाएं भी गिनाईंं।
- संबोधन के दौरान सीएम ने बोल दिया कोरोना के दौरान वैक्सीनेशन से 200 करोड़ देशवासियों का जीवन बचाया, बाद में किया सुधार और कहा- 140 करोड़
- बीना पेट्रोकेमिकल्स कॉम्प्लेक्स के जरिए आएगा 50 हजार करोड़ का निवेश, केन-बेतवा से बुंदेलखंड की जमीन होगी पंजाब हरियाणा जितनी उपजाऊ
सागर में समरसता यात्राओं का समापन
संत शिरोमणि रविदास के मंदिर निर्माण के लिए निकाली जा रही यात्रा का 12 अगस्त यानी कि आज सागर में समापन हो गया। सुशासन का मूलमंत्र देने वाले संत शिरोमणि रविदास जी के मंदिर निर्माण के लिए मध्य प्रदेश में समरसता यात्राएं निकाली गईं, जिनके माध्यम से जनता तक संत जी के समरसता का संदेश पहुंचाया गया। इन 18 दिवसीय यात्राओं का शुभारंभ 25 जुलाई को हुआ था और यात्रा का समापन आज हुआ। जहां प्रधानमंत्री पीएम मोदी संत रविदास के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को समर्पित मंदिर और संग्रहालय की आधारशिला रखी। [caption id="attachment_84978" align="aligncenter" width="600"]
पीएम मोदी ने संत रविदास की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।[/caption]
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पीएम मोदी ने गैंती से जमीन खोदकर संत रविदास के भव्य मंदिर-विशाल स्मारक का भूमि-पूजन किया।[/caption]
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खजुराहो एयरपोर्ट पर पीएम मोदी का स्वागत।[/caption]
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचे खजुराहो एयरपोर्ट।[/caption]











