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नलखेड़ा…बगलामुखी मंदिर में 1,000किलो चांदी,10 किग्रा सोने से हो रही नक्काशी

नवरात्र के दौरान 5 गुना बढ़े तांत्रिक अनुष्ठान, देशभर से पहुंच रहे मंत्री, राजनेता और कारोबारी

राजीव सोनी-भोपाल। मध्यप्रदेश में आगर मालवा जिले के नलखेड़ा कस्बे की त्रिशक्ति बगलामुखी माता मंदिर में हजारों इन दिनों भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। राजसत्ता, समृद्धि और शत्रुओं पर विजय पाने की मंशा से यहां तांत्रिक अनुष्ठान कराने वालों में देश की हाई प्रोफाइल नेता भी शामिल हैं। इस नवरात्रि में यहां 1 हजार किग्रा चांदी व 10 किलो सोने से मंदिर की दीवारों पर नक्काशी हो रही है। माता के दरबार में मनौती लेकर आने वालों में देश भर के राजनेता, मंत्री-विधायक, सांसद, सुप्रीम कोर्ट- हाईकोर्ट के जज, बड़े कारोबारी सहित ब्यूरोक्रेट्स की लाइन लगी रहती है।

नलखेड़ा कस्बे की लखुंदर नदी के किनारे श्मशान के समीप स्थित महाभारत कालीन यह मंदिर सिद्धपीठ और चमत्कारी माना जाता है। देशभर से शैव और शाक्त मार्गी साधु-संत तांत्रिक अनुष्ठान के लिए अपने भक्तों के साथ जमे हैं। देर रात तक अनुष्ठान के साथ हवन, अनुष्ठान का सिलसिला चल रहा है।

पीएम मोदी के भाई, गवर्नर और कई राज्यों के सीएम आ चुके हैं मां के दरबार में

सीएम डॉ. मोहन यादव, कर्नाटक गवर्नर थावरचंद गेहलोत, पूर्व सीएम उमा भारती, कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, शिवराज सिंह चौहान। उत्तराखंड, हिमाचल और हरियाणा के सीएम, स्मृति ईरानी, देवेंद्र फड़नवीस, हरीश रावत, उत्तराखंड का राजपरिवार और सांसद मालाराज्य लक्ष्मी, पीएम नरेंद्र मोदी के तीनों भाई, अनिल अंबानी, जयराम ठाकुर और अभिनेत्री जयाप्रदा आदि माता की आराधना को आ चुके हैं।

मान्यता: श्रीकृष्ण की सलाह पर पांडवों ने की थी आराधना

मंदिर के प्रमुख पुजारी गोपाल दास एवं पंडित दिलीप शर्मा मंदिर को महाभारत कालीन बताते हैं। वह कहते हैं कि भगवान श्रीकृष्ण की सलाह पर पांडवों ने विजयश्री के लिए मां बगलामुखी की आराधना की थी। वेद-शास्त्रों में 10 महाविद्याओं का प्रमुखता से उल्लेख है उनमें से बगलामुखी भी एक विशिष्ट और चमत्कारी देवी हैं।

रोज 900 से अधिक हो रहे अनुष्ठान : एसडीएम

नलखेड़ा के एसडीएम मिलिंद ढोके ने ‘पीपुल्स समाचार ‘ को बताया कि देश भर से हाईप्रोफाइल लोग यहां पहुंच रहे है। सामान्य दिनों में जहां 200 हवन- अनुष्ठान होते हैं लेकिन नवरात्र में यह संख्या 900 से ज्यादा हो गई है। वह बताते हैं अभी मंदिर के गर्भगृह में 1000 किलोग्राम चांदी और 10 किलो सोना दीवारों में जड़ा गया है।

12 हवन वेदियों में अनुष्ठान

शत्रु विनाश करने, राजसत्ता और कोर्ट में विजय पाने के साथ तंत्र बाधा व रोग निवारण की मंशा से यहां श्रद्धालु तांत्रिक अनुष्ठान करने आते हैं। कई लोग मध्यरात्रि में अनुष्ठान पूरा करते हैं। मंदिर में 112 हवन वेदियों में अनुष्ठान होते रहते हैं। नवरात्र के पहले 37 हवन कुंड और बनाए गए हैं।

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