Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

Nag Panchami 2024 : आज रात 12 बजे खुलेंगे नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट, नागपंचमी पर श्रद्धालु कर सकेंगे दर्शन, साल में सिर्फ एक दिन खुलता है मंदिर

Follow on Google News
Nag Panchami 2024 : आज रात 12 बजे खुलेंगे नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट, नागपंचमी पर श्रद्धालु कर सकेंगे दर्शन, साल में सिर्फ एक दिन खुलता है मंदिर
उज्जैन। महाकालेश्वर मंदिर में गुरुवार रात से नाग पंचमी महापर्व की शुरुआत होगी। उज्जैन में भगवान नागचंद्रेश्वर एक ऐसा अनूठा मंदिर है, जो वर्ष में एक बार 24 घंटे के लिए नागपंचमी पर्व पर आम दर्शनार्थियों के लिए दर्शन के लिए खुलता है। 8 अगस्‍त गुरुवार रात 12 बजे मंदिर के पट खोले जाएंगे और 9 अगस्त शुक्रवार रात 12 बजे तक सतत दर्शन किए जा सकेंगे।

महानिर्वाणी अखाड़े के महंत करेंगे पूजन

1 साल बाद नागपंचमी पर भगवान नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट खुलेंगे। 8 अगस्‍त को रात 12 बजे पट खुलने के पश्चात महानिर्वाणी अखाड़े के महंत विनीत गिरि महाराज व कलेक्टर नीरज कुमार सिंह द्वारा भगवान नागचंद्रेश्वर का पूजन किया जाएगा। 9 अगस्‍त की दोपहर 12 बजे अखाड़े की ओर पूजन किया जाएगा।
  • पहली पूजा 8 अगस्त की रात 12 बजे महानिर्वाणी अखाड़े के महंत द्वारा की जाएगी।
  • दूसरी पूजा 9 अगस्त की दोपहर 12 बजे शासन की ओर से प्रशासनिक अधिकारी करेंगे।
  • तीसरी पूजा 9 अगस्त को शाम 7.30 बजे भगवान महाकाल की संध्या आरती के बाद महाकाल मंदिर के पुजारियों द्वारा की जाएगी।

तीन खंडों में बंटा है महाकालेश्वर मंदिर

देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर विशाल परिसर तीन खंडों में बंटा है। सबसे नीचे खंड में भगवान महाकालेश्वर, दूसरे खंड में ओमकारेश्वर एवं तीसरे खंड में नागचंद्रेश्वर का मंदिर स्थित है। शिखर पर स्थित भगवान नागचंद्रेश्वर का मंदिर स्थापित है, जिसे वर्ष में एक बार नागपंचमी के दिन खोला जाता है। इस बार नागपंचमी 9 अगस्त को है। नागचंदेश्वर मंदिर के पट 8 अगस्त की रात 12 बजे त्रिकाल पूजा के साथ 24 घंटे के लिए खोले जाएंगे। [caption id="attachment_38402" align="aligncenter" width="800"] महाकालेश्वर मंदिर के शिखर के तीसरे खंड पर स्थित भगवान नागचन्द्रेश्वर मंदिर।[/caption]

नागचंद्रेश्वर व महाकालेश्वर के दर्शन की अलग-अलग व्यवस्था

भगवान महाकाल और भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन की अलग-अलग व्यवस्थाएं की गई हैं। नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट खोलने से पहले महा निर्वाणी अखाड़े के महंत द्वारा त्रिकाल पूजा की जाएगी और 12:30 बजे तक पूजा अर्चना का सिलसिला जारी रहेगा। इसके बाद आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के पट खोल दिए जाएंगे। श्रद्धालु 9 अगस्त की रात 12 बजे तक दर्शन कर सकेंगे। इस बीच दोपहर 12 बजे भगवान नागचंद्रेश्वर की शासकीय पूजा प्रशासन की ओर से की जाएगी।

दर्शनार्थियों को ऐसे मिलेगा प्रवेश

महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने बताया कि महाकालेश्वर के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को चारधाम मंदिर के सामने त्रिवेणी संग्रहालय से महाकाल महालोक होते हुए मानसरोवर फैसिलिटी सेंटर से परिसर में होते हुए गणेश व कार्तिकेय मंडप में प्रवेश दिया जाएगा। जबकि, भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन करने हेतु श्रद्धालु कर्कराज पार्किंग से गंगा गार्डन वाले रास्ते से होकर हरसिद्धि होल्डअप में पहुंचेंगे। यहां से श्रद्धालु बड़ा गणेश के सामने 4 नबंर गेट से होकर एयरो ब्रिज तक पहुंचेंगे। एयरो ब्रिज से होकर भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन करने के उपरांत दशनार्थी सभा मण्डप की छत से होकर निर्गम द्वार से होकर पुन: हरसिद्धि चौराहे तक जाएंगे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती भी की जाएगी।

ऐसी है भगवान की दुर्लभ प्रतिमा

नागचंद्रेश्वर भगवान की प्रतिमा 11वीं शताब्दी की है। इस प्रतिमा में फन फैलाए हुए नाग के आसन पर शिव जी के साथ देवी पार्वती बैठी हैं। संभवत: दुनिया में ये एक मात्र ऐसी प्रतिमा है, जिसमें शिवजी नाग शैय्या पर विराजित हैं। इस मंदिर में शिवजी, मां पार्वती, श्रीगणेश के साथ ही सप्तमुखी नाग देव हैं। साथ में दोनों के वाहन नंदी और सिंह भी विराजित हैं। शिव जी के गले और भुजाओं में भी नाग लिपटे हुए हैं। श्री महाकालेश्वर मंदिर काफी प्राचीन है। माना जाता है कि परमार राजा भोज ने 1050 ईस्वी के लगभग इस मंदिर का निर्माण करवाया था। इसके बाद सिंधिया घराने के महाराज राणोजी सिंधिया ने 1732 में महाकाल मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया था। बताया जाता है कि दुर्लभ प्रतिमा नेपाल से लाकर मंदिर में स्थापित की गई थी। मान्‍यता है कि उज्‍जैन के अलावा दुनिया में कहीं भी ऐसी प्रतिमा नहीं है।
Mithilesh Yadav
By Mithilesh Yadav

वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...Read More

Latest Posts