
भोपाल। मध्य प्रदेश में जनजातीय क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य की पूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करने वाले ‘पेसा मोबिलाइजर्स’ का मानदेय बढ़ाने का सरकार ने निर्णय लिया है। गुरुवार को सीएम डॉ. मोहन यादव ने इसकी जानकारी दी है। पेसा मोबिलाइजर्स का मानदेय चार हजार रुपए से बढ़ाकर आठ हजार रुपए कर दिया गया है।
सीएम ने दी बधाई
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है, ‘‘सरकार का एक और संकल्प पूर्ण…जनजातीय क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य की पूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करने वाले ‘पेसा मोबिलाइजर्स’ का मानदेय 4000 रुपए प्रतिमाह से बढ़ाकर 8000 रुपए प्रतिमाह करने का सरकार ने निर्णय लिया है। आप सभी ‘पेसा मोबिलाइजर्स’ को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम जनजातीय वर्ग के कल्याण हेतु पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्यरत हैं।”
पेसा मोबिलाइजर का काम ?
पेसा एक्ट के अंतर्गत आदिवासी ब्लॉकों की हर ग्राम पंचायत में पेसा मोबिलाइजर की नियुक्ति की जाती है। पेसा मोबिलाइजर्स का काम जनजातीय क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को मजबूत बनाने में मदद करना है। साथ ही केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने का काम भी करते है। ग्राम सभाओं का आयोजन करना और उसके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है।
20 जिलों के 89 विकासखंडों में लागू है पेसा एक्ट
बता दें मध्य प्रदेश में पेसा एक्ट 15 नवम्बर 2022 को लागू किया गया था। प्रदेश के 20 जिलों के 89 विकासखंडों की 5254 पंचायतों के 11757 गांवों में पेसा एक्ट लागू है। इसके अंतर्गत आदिवासी ब्लॉकों की हर ग्राम पंचायत में पेसा मोबिलाइजर की नियुक्ति की गई। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी में शहडोल से पेसा एक्ट लागू करने का ऐलान किया था।
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