
मायानगरी के बादशाह मशहूर जादूगर ओपी शर्मा ने दुनिया को अलविदा कह दिया है। उत्तर प्रदेश स्थित कानपुर के रहने वाले जादूगर ओपी शर्मा बीते कई महीने से बीमार चल रहे थे। उनका डायलिसिस भी चल रहा था और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उन्होंने फॉर्च्यून हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली। वे समाजवादी पार्टी के टिकट पर गोविंद नगर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव भी लड़े चुके हैं।
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने जताया दुख
जादूगर ओपी शर्मा के निधन पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने ट्वीट कर लिखा, “कई दशकों से जादू के स्टेज के वन मैन शो, विश्व प्रसिद्ध जादूगर कानपुर निवासी ओपी शर्मा जी के निधन की दुखद सूचना प्राप्त हुई है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिजनों व प्रशंसकों को अपार दुख सहन करने की शक्ति दें। ॐ शांति”
कई दशकों से जादू के स्टेज के वन मैन शो, विश्व प्रसिद्ध जादूगर कानपुर निवासी श्री ओपी शर्मा जी के निधन की दु:खद सूचना प्राप्त हुई है।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिजनों व प्रशंसकों को अपार दु:ख सहन करने की शक्ति दें।
ॐ शांति pic.twitter.com/sSuJjsig2K— Keshav Prasad Maurya (@kpmaurya1) October 16, 2022
“भूत बंगला” में रहते थे ओपी शर्मा
1973 में जन्में ओपी शर्मा मूल रूप से बलिया जिले के रहने वाले थे। वह कानपुर में स्मॉल आर्म्स फैक्ट्री में काम करने आए थे और यहीं से फिर जादूगर बन गए। उन्होंने अपनी जिंदगी में 34 हजार से ज्यादा जादू के शो किए। उनके परिवार में पत्नी, तीन बेटे और एक बेटी है। ओपी शर्मा के छोटे बेटे सत प्रकाश शर्मा भी जूनियर ओपी शर्मा कहे जाते हैं, वह भी जादू दिखाते हैं। बर्रा इलाके में “भूत बंगला” नाम से उनका निवास स्थल है। वो जादूगर के साथ-साथ वह समाजवादी पार्टी के नेता भी रहे।
ओपी शर्मा का काफिला
ओपी शर्मा के रंगीन इंद्रजाल की दुनिया में उनके साथ लगभग 250 टन वजन का साजो-सामान रहता था। इसमें कई खूंखार जानवर, स्वप्नलोक की परियों का काफिला भी शामिल था। करीब 200 लोगों की टीम में दो दर्जन महिला कलाकारों के साथ लगभग 50 उनके स्टेज के सहयोगी कलाकार भी शामिल रहते थे। वे जादू को एक करिश्मा न मानकर एक कला मानते थे।