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VIDEO : शिक्षा मंत्री ने खुद खोली स्कूल शिक्षा की पोल! कहा- 500 शिक्षकों को जानता हूं, जो अपनी जगह किराए के लोगों को स्कूल भेजते हैं

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VIDEO : शिक्षा मंत्री ने खुद खोली स्कूल शिक्षा की पोल! कहा- 500 शिक्षकों को जानता हूं, जो अपनी जगह किराए के लोगों को स्कूल भेजते हैं
रायसेन। जिले के बरेली में सुशासन दिवस के अवसर पर शिक्षा महाकुंभ और अटल शिक्षा रत्न सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में आयोजित हुआ। इसमें प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर पूरे प्रदेश से आए शिक्षकों ने अपनी समस्याओं और मांगों को मंत्री के सामने रखा। वहीं, मंत्री ने शिक्षकों को सम्मानित करने के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। इस बीच शिक्षा मंत्री ने खुद ही स्कूल शिक्षा की पोल खोलते हुए बड़ी बात कह दी।

खुद खोली स्कूल शिक्षा की पोल

स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप ने शिक्षकों की समस्याओं पर बात करते हुए कहा, हमें आपकी समस्याएं पता है, लेकिन आपको भी अपनी चीजे सुधारने की जरूरत है। आये दिन स्कूल की खबरें पेपर में आती रहती है। उन्होंने कहा कि वो ऐसे 500 शिक्षकों को जानते हैं, जो अपनी जगह किराए के लोगों को रखकर नौकरी करवा रहे हैं और उन्हें वो व्यक्तिगत रूप से जानते हैं। इनमें से 100 लोग तो मेरे ही जिले के हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की गैर-जिम्मेदारी से सरकारी स्कूलों की छवि और बच्चों की शिक्षा पर बुरा असर पड़ रहा है। मंत्री ने शिक्षकों को आगाह करते हुए कहा कि ऐसी अनियमितताओं को खत्म करना होगा। देखें वीडियो...

शिक्षकों की कार्यक्षमता पर सवाल किए सवाल

शिक्षा मंत्री ने एक और उदाहरण देते हुए शिक्षकों की कार्यक्षमता पर सवाल किए। मंत्री ने सरकारी शिक्षकों की सैलरी और काम की तुलना करते हुए कहा, "मेरे सुरक्षा गार्ड को 32-34 हजार रुपए वेतन मिलता है और वह 24 घंटे ड्यूटी करता है। वहीं, शिक्षक 80 हजार रुपए वेतन लेने के बावजूद अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह नहीं निभा रहे।" उन्होंने निजी स्कूलों की तुलना करते हुए कहा कि निजी स्कूलों में केवल 28-30 लाख बच्चे पढ़ते हैं, जबकि सरकारी स्कूलों पर 90 लाख बच्चों की जिम्मेदारी है।

शिक्षकों की समस्याओं और मांगों पर चर्चा

शिक्षकों ने अपने भत्तों, नियुक्तियों और सुविधाओं को लेकर मंत्री के सामने अपनी मांगें रखीं। शिक्षा मंत्री ने भी शिक्षकों की समस्याओं को खुले तौर पर स्वीकार किया, जिसमें सबसे बड़ी समस्या शिक्षकों की कमी और शिक्षा की गुणवत्ता से जुड़ी है।

नई शिक्षा नीति का जिक्र

मंत्री ने नई शिक्षा नीति (NEP) को प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए एक बड़ा कदम बताया। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे इस नीति को सफल बनाने में अपना पूरा योगदान दें।
Mithilesh Yadav
By Mithilesh Yadav

वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...Read More

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