Publish Date: 28 May 2025, 2:10 PM (IST)Updated On: 28 May 2025, 2:35 PM (IST)Reading Time: 3 Minute Read
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह के उस विवादित बयान को लेकर सुनवाई हुई, जिसमें उन्होंने कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। जस्टिस जेजे सूर्यकांत और जस्टिस दीपांकर दत्ता की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि जांच अभी शुरुआती चरण में है, और SIT ने जांच रिपोर्ट तय तारीख पर पेश कर दी है, हालांकि टीम ने आगे की पड़ताल के लिए कुछ और समय मांगा है।
SIT जांच में जुटी, पर मंत्री से अब तक नहीं हुई पूछताछ
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 19 मई को गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) में IG सागर रेंज प्रमोद वर्मा, DIG SAF कल्याण चक्रवर्ती और SP डिंडौरी वाहिनी सिंह शामिल हैं। SIT ने 6 दिन तक जांच की, लेकिन अब तक मंत्री विजय शाह से पूछताछ नहीं की गई है, जिससे जांच की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
बयान देने की जगह पर पहुंची SIT
जस्टिस सूर्यकांत ने बताया कि SIT ने 21 मई को उस स्थान का निरीक्षण किया जहां मंत्री विजय शाह ने हलमा कार्यक्रम में विवादित बयान दिया था। टीम ने मोबाइल व अन्य डिजिटल सबूत एकत्र किए हैं और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए हैं।
वीडियो बयान बना अहम सबूत
सूत्रों के मुताबिक, मंत्री विजय शाह के वीडियो बयान को SIT ने महत्वपूर्ण सबूत माना है, जिसमें उन्होंने माफी मांगते हुए अपना तीसरा वीडियो भी जारी किया था। माना जा रहा है कि यह वीडियो यह साबित करता है कि उनका बयान आपत्तिजनक था।
हाईकोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई FIR
विजय शाह द्वारा एक सार्वजनिक मंच से सेना की महिला अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया। इसके बाद सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो गया और देशभर में आलोचना शुरू हो गई थी। मामला तब गरमाया जब 14 मई को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने खुद संज्ञान लेकर FIR दर्ज करने के आदेश दिए। इसके बाद इंदौर के मानपुर थाने में मंत्री विजय शाह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। अब मंत्री शाह इस FIR को चुनौती देने सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं।
अगली सुनवाई जुलाई के पहले हफ्ते में
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अब इस मामले की अगली सुनवाई जुलाई के पहले सप्ताह में की जाएगी। वहीं कोर्ट ने हाईकोर्ट से निवेदन किया कि वह समानांतर सुनवाई न करे।
सूत्रों के अनुसार, SIT की रिपोर्ट की कॉपी कांग्रेस नेता व याचिकाकर्ता जय ठाकुर के वकीलों को अब तक नहीं सौंपी गई है, जिस पर वकील सुप्रीम कोर्ट में आपत्ति दर्ज कराने वाले हैं।