
भोपाल। मध्य प्रदेश की 16वीं विधानसभा के पहले सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, भंवर सिंह शेखावत, गोविंद सिंह, उषा ठाकुर और आतिफ आरिफ अकील सहित 21 नवनिर्वाचित सदस्यों ने विधायक के तौर पर शपथ ली। ये विधायक सोमवार को शपथ नहीं ले सके थे। सोमवार को सत्र के पहले दिन 207 विधायकों ने शपथ ली थी।
पूर्व सीएम कमलनाथ ने नहीं ली शपथ
प्रदेश की 16वीं विधानसभा के लिए निर्वाचित होने वाले अब तक कुल 221 सदस्य विधानसभा सदस्य के रूप में शपथ ले चुके हैं। इनमें से 13 ने संस्कृत में, दो ने उर्दू में, एक ने अंग्रेजी में (भारत आदिवासी पार्टी के कमलेश्वर डोडियार) और अन्य सभी ने हिंदी में शपथ ली। पूर्व मुख्यमंत्री एवं छिंदवाड़ा विधायक कमलनाथ इस सत्र में भाग नहीं ले रहे हैं और वह बाद में शपथ लेंगे।
सदन की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित
मध्य प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को पूर्व केंद्रीय मंत्रियों – सरताज सिंह तथा डॉ. एम एस गिल – समेत उन राजनीतिक नेताओं को श्रद्धांजलि दी गई, जिनका हाल ही में निधन हो गया था। इसके बाद सदन की कार्यवाही 20 दिसंबर सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
पूर्व केंद्रीय मंत्रियों के निधन पर जताया दुख
शपथ समारोह के बाद प्रोटेम स्पीकर गोपाल भार्गव ने गिल समेत पूर्व केंद्रीय मंत्रियों के निधन पर दुख जताया और सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र में उनके योगदान को याद किया। दिवंगत पूर्व सदस्यों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरताज सिंह ने एक पार्षद, विधायक, सांसद और राज्य के साथ-साथ केंद्र में मंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दीं।
उन्होंने होशंगाबाद लोकसभा सीट का चार बार प्रतिनिधित्व किया, जिसे अब नर्मदापुरम लोकसभा सीट के नाम से जाना जाता है। यादव ने गिल को भी श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि सीईसी के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (ईवीएम) पेश की गईं, जिसने चुनावों में धांधली को समाप्त कर दिया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार एवं अन्य सदस्यों ने भी दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि दी।
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