
भोपाल। प्रदेश में पांच साल के भीतर मंत्री उषा ठाकुर की संपत्ति में सर्वाधिक 699 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है जबकि डॉ.नरोत्तम मिश्रा को 1 फीसदी कम हो गई। वहीं विधायकों में कांग्रेस के डॉ. हिरालाल अलावा की प्रॉपर्टी में सर्वाधिक 1982 फीसदी का इजाफा हुआ है। रतलाम शहर के भाजपा विधायक चेतन काश्यप माननीयों में सबसे अमीर हैं। उनकी संपत्ति में पांच साल में 45 प्रतिशत का इजाफा हुआ है परन्तु कुल संपत्ति की कीमत सर्वाधिक 296 करोड़ हो गई है। 155 ऐसे विधायक और मंत्री हैं जिनकी आय का मुख्य जरिया कृषि है। नरोत्तम मिश्रा के पास कृषि होते हुए भी उन्हें घाटा लगा है।
एडीआर और मध्यप्रदेश इलेक्शन वॉच ने 2023 के चुनाव में दोबारा विधायक बनने के लिए नामांकन भरने वाले विधायकों की संपत्ति का ब्यौरा (स्वयं एवं परिवार का) जारी किया है। दोबारा चुनाव लड़ रहे 192 में से 180 विधायकों की संपत्ति में 1 से 1982 % तक की वृद्धि होना पाई गई है। वहीं 12 विधायकों की संपत्ति में एक से 64% तक की कमी आई है।
192 विधायकों की यह भी जानकारी
- 2018 के चुनाव में घोषित संपत्ति: विभिन्न दलों और निर्दलीयों में पुन: चुनाव लड़ने वाले 192 विधायकों की औसत संपत्ति 11.91 करोड़ थी।
- 2023 के चुनाव में पुन: लड़ने वालों की औसतन संपत्ति में 17.81 करोड़ है।
- पांच साल में औसतन संपत्ति रुपयों में बढ़ी: दोबारा चुनाव लड़ने वाले विधायकों की औसतन संपत्ति में 2018 से 2023 तक 5.90 करोड़ की वृद्धि हुई।
- प्रतिशत में बढ़ी: वर्ष 2018 से 2023 के दौरान पुन: चुनाव लड़ने वाले 192 विधायकों की औसतन संपत्ति में 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
नरोत्तम की 1% घटी
डॉ.नरोत्तम मिश्रा की संपत्ति पांच साल में 1 फीसदी घट गई। वर्ष 2023 में 6.84 करोड़ है जबकि 2018 में 6.88 करोड़ थी यानि 4.25 लाख रुपए की संपत्ति कम हो गई।
ये हैं प्रमुख विधायक
नरायण त्रिपाठी, बाबू जंडेल , महेश राय, मुकेश पटेल , करण सिंह वर्मा, बैजनाथ कुशवाहा , सचिन बिरला, राजेन्द्र शुक्ला और गायत्री राजे की – 1 से 64 % तक संपत्ति कम हो गई।