
भोपाल। राज्य सरकार ने राजधानी में बंगला खाली नहीं करने वाले पूर्व मंत्रियों और पूर्व विधायक समेत 28 भाजपा नेताओं को बेदखली का नोटिस जारी किया है। इनमें 24 पूर्व मंत्री और 4 पूर्व विधायक शामिल हैं। इनमें से कुछ शिवराज सरकार में मंत्री थे, लेकिन डॉ. मोहन यादव सरकार में मंत्री पद नहीं मिला। वहीं, संबंधित अफसरों का कहना है कि अगर बंगला खाली नहीं किया जाता है तो 10 दिन के अंदर एक और नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद ताला तोड़कर जबरन बंगला खाली कराया जाएगा।
पूर्व मंत्रियों में कमल पटेल, उषा ठाकुर, मीना सिंह, दीपक जोशी, इमरती देवी, रामपाल सिंह, महेंद्र सिंह सिसोदिया समेत 28 नेताओं के नाम शामिल हैं।
एक्शन मोड में राज्य सरकार
मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव हुए 3 महीने और मंत्रिमंडल का गठन हुए 2 महीने से ज्यादा का वक्त बीत चुका है। बावजूद इसके नई प्रदेश सरकार के कई मंत्रियों को बंगले नहीं मिल पाए हैं। वजह यह है कि पुराने नेताओं से बंगले का मोह नहीं छूट रहा है। कोई हारने तो कोई मंत्री पद जाने के बाद भी बंगले में जमा हुआ है। दूसरी ओर नए मंत्रियों को बंगलों का इंतजार है। लेकिन, अब राज्य सरकार एक्शन मोड में आ गई है।
मंत्रियों पर होगी ताला तोड़ कार्रवाई
गृह विभाग के अफसरों का कहना है कि जिन पूर्व मंत्रियों और विधायकों ने बंगले खाली नहीं किए हैं, उन्हें पहले 7 दिन का नोटिस दिया गया था। इसके बाद भी आवास खाली नहीं किया गया तो बेदखली का पहला नोटिस 19 फरवरी को भेजा गया। इसमें 10 दिन का समय दिया गया था। इस नोटिस को भी अनदेखा कर दिया गया। अब बेदखली का दूसरा नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद भी बंगला खाली नहीं किया तो ताला तोड़कर सामान बाहर कर दिया जाएगा।
बंगले की दीवार पर चिपकाया कारण बताओ नोटिस
संपदा संचालनालय गृह विभाग ने बंगले की दीवार पर नोटिस चिपकाया है। जारी नोटिस में कहा गया कि पूर्व मंत्री और विधायक लोक परिसर का अनधिकृत उपयोग कर रहे हैं। नियमों के मुताबिक, उन्हें बेदखल किए जाने का प्रावधान है। या तो वह लोक परिसर (बेदखली) अधिनियम 1974 (46 सन 1974) की धारा 4 की उपधारा (1) में प्राप्त शक्तियों के तहत बंगला खाली न करने का कारण बताएं नहीं तो बेदखली का आदेश लागू किया जाएगा। सभी 28 नेताओं को 29 फरवरी तक बंगला खाली करने के लिए कहा गया, लेकिन अवधि समाप्त हो गई है।