
भोपाल। मध्य प्रदेश में दो विधानसभा क्षेत्रों बुधनी और विजयपुर में होने वाले उपचुनाव के लिए दोनों प्रमुख दलों बीजेपी और कांग्रेस की ओर से अपने-अपने प्रत्याशियों के नाम घोषित किए जाने के साथ ही अब सभी की नजरें बुधनी विधानसभा पर टिक गई हैं। वहीं सोमवार को भोपाल स्थित निवास पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधनी विधानसभा उपचुनाव की तैयारियों के संबंध में बैठक ली और आगामी रणनीति पर चर्चा की।
इन दोनों ही क्षेत्रों में नामांकन पत्र दाखिले का कार्य प्रारंभ हो गया है। मतदान 13 नवंबर को होगा और नतीजे 23 नवंबर को घोषित होंगे।
भोपाल में बुधनी उपचुनाव को लेकर बैठक
भोपाल में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के आवास पर शनिवार को बुधनी विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव को लेकर बैठक हुई। इस बैठक में बुधनी विधानसभा के भाजपा प्रत्याशी रमाकांत भार्गव, भाजपा जिलाध्यक्ष रवि मालवीय, सीहोर जिले की प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर, पूर्व मंत्री रामपाल सिंह, रघुनाथ सिंह भाटी, भोपाल सांसद आलोक शर्मा सहित तमाम कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के हमारे कार्यकर्ता तैयार हैं। आज हमने रमाकांत भार्गव और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर बुधनी के लिए रणनीति बनाई है। डबल इंजन की सरकार के काम का जनता में असर है। हम भारी बहुमत से बुधनी का उपचुनाव जीतेंगे और साथ ही विजयपुर का भी।
विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा- इंडी गठबंधन कहीं की ईंट कहीं का रोड़ा है, ये स्वाभाविक अलायंस नहीं है। उनमें न तो वैचारिक समानता है और न ही जनता के हित का विचार। ये लोग जनकल्याण के कामों पर भी उंगली उठाते हैं।
विदिशा के पूर्व सांसद को बनाया प्रत्याशी
सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा क्षेत्र से अब तक राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान विधायक थे। लोकसभा चुनाव में उनके विदिशा संसदीय क्षेत्र से सांसद चुने जाने के बाद चौहान ने विधानसभा से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद ही इस सीट के रिक्त होने के कारण यहां उपचुनाव हो रहा है। बुधनी से भाजपा ने इस बार शिवराज के कट्टर समर्थक माने जाने वाले विदिशा के पूर्व सांसद रमाकांत भार्गव को प्रत्याशी बनाया है। वे पिछले लोकसभा चुनाव में विदिशा सांसद थे। इस लोकसभा चुनाव में उनके स्थान पर पार्टी ने विदिशा से चौहान को प्रत्याशी बनाया। इसके बाद अब उन्हें चौहान की परंपरागत सीट से विधानसभा का टिकट दे दिया गया है।
कांग्रेस ने रखा जातिगत समीकरणों को ध्यान
वहीं कांग्रेस ने रविवार देर रात इस सीट से अपने प्रत्याशी का नाम सार्वजनिक किया। पार्टी ने यहां से पूर्व मंत्री राजकुमार पटेल को चुनावी मैदान में उतारा है। पटेल इसके पहले भी इस सीट से विधायक रह चुके हैं। समझा जा रहा है कि भाजपा की ओर से भार्गव को चुनावी मैदान में उतारने के बाद पटेल की यहां से दावेदारी मजबूत हुई, क्योंकि ये शिवराज के दबदबे वाला क्षेत्र है। चौहान किरार समाज का प्रतिनिधित्व करते हैं और पटेल भी इसी समाज के सदस्य हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि कांग्रेस ने जातिगत समीकरणों को ध्यान में रखते हुए यहां से पटेल पर दांव खेला है।
रामनिवास रावत का मुकाबला मुकेश मल्होत्रा से
वहीं श्योपुर जिले की विजयपुर सीट से भाजपा की ओर से रामनिवास रावत का मुकाबला कांग्रेस के मुकेश मल्होत्रा से होगा। रावत इस सीट से लंबे समय से कांग्रेस के विधायक रहे हैं, लेकिन लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कांग्रेस का हाथ छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया। इसके बाद उन्हें डॉ. मोहन यादव सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया। उनके विधानसभा से त्यागपत्र देने के कारण ही यहां उपचुनाव हो रहा है।
कांग्रेस अब इस पूरे आदिवासीबहुल क्षेत्र में रावत पर कांग्रेस को धोखा देने का आरोप लगाते हुए आक्रामक चुनाव प्रचार में जुटी हुई है। इसी के चलते कांग्रेस ने अपने आदिवासी चेहरे मुकेश मल्होत्रा को यहां से चुनावी मैदान में उतारा है, जिनका सामना रावत से हो रहा है। मल्होत्रा की आदिवासियों की बीच खासी पैठ मानी जाती है और वे वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर चुनाव मैदान में थे और तीसरे नंबर पर रहे थे।
उपचुनाव कार्यक्रम इस प्रकार
- 18 अक्टूबर: गजट नोटिफिकेशन के साथ नाम-निर्देशन पत्र भरने की प्रक्रिया शुरू।
- 25 अक्टूबर: नाम-निर्देशन पत्र भरने की अंतिम तारीख।
- 28 अक्टूबर: नाम-निर्देशन पत्रों की संवीक्षा।
- 30 अक्टूबर: नाम वापसी की अंतिम तारीख।
- 13 नवंबर: मतदान दिवस।
- 23 नवंबर: मतगणना दिवस।