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पंचतत्व में विलीन हुए मनमोहन सिंह : बेटी ने दी मुखाग्नि, अंतिम संस्कार में पहनाई गई उनकी पसंदीदा नीली पगड़ी, राष्ट्रपति-PM और सोनिया-राहुल भी पहुंचे

नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का राजकीय सम्मान के साथ निगमबोध्द घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। तीनों सेनाओं ने मनमोहन सिंह की पार्थिव देह को सलामी दी। उनके पार्थिव शरीर को सेना की तोपगाड़ी पर दिल्ली के निगमबोध घाट लाया गया।

कांग्रेस मुख्यालय पर डॉ. सिंह की पत्नी गुरशरण कौर और बेटी दमन सिंह ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। राहुल गांधी, सोनिया और प्रियंका समेत अन्य कांग्रेस नेताओं ने भी उनके अंतिम दर्शन किए। बता दें कि गुरुवार (26 दिसंबर) रात मनमोहन सिंह का दिल्ली के AIIMS अस्पताल में निधन हुआ था। उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें भर्ती कराया गया था।

पंचतत्व में विलीन हुए मनमोहन सिंह

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कांग्रेस मुख्यालय में अंतिम दर्शन

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का पार्थिव शरीर AICC (कांग्रेस) मुख्यालय लाया गया। कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के साथ मनमोहन सिंह का परिवार भी यहां मौजूद हैं। पार्टी कार्यकर्ता और आम लोग मनमोहन सिंह के अंतिम दर्शन कर रहे हैं।

मनमोहन सिंह की अंतिम यात्रा का रूट मैप

मनमोहन सिंह की अंतिम यात्रा 11 किलोमीटर लंबी होगी। पार्थिव शरीर को कांग्रेस दफ्तर से अकबर रोड से इंडिया गेट, इंडिया गेट से तिलक मार्ग, तिलक मार्ग से आईटीओ रेड लाइट से दाहिने मोड़ दिया जाएगा, फिर पुराने पुलिस मुख्यालय के सामने से होते हुए रिंग रोड पर लेफ्ट लिया जाए। इसके बाद अंतिम यात्रा सीधे रास्ते से निगम बोध घाट पहुंचेगी। आचार्य योगेश कुमार ने बताया कि चंदन की लकड़ियों से डॉ. मनमोहन का अंतिम संस्कार किया जाएगा। निगम बोध के वीआईपी घाट पर 11:35 बजे अंत्येष्टि की जाएगी।

अविभाजित हिंदुस्तान में जन्म

डॉ. सिंह का जन्म 26 सितंबर 1932 को अविभाजित भारत के पंजाब प्रांत के झेलम जिले के गाह गांव में हुआ था। उनकी मां अमृत कौर और पिता गुरमुख सिंह थे। उनके पिता एक कंपनी में क्लर्क थे। डॉ. सिंह ने वर्ष 1948 में पंजाब विश्वविद्यालय से मैट्रिक की शिक्षा पूरी की। बाद में उन्होंने ब्रिटेन के कैंब्रिज विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की। वर्ष 1957 में उन्होंने अर्थशास्त्र में प्रथम श्रेणी से आॅनर्स की डिग्री अर्जित की। इसके बाद वर्ष 1962 में उन्होंने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के नूफिल्ड कॉलेज से अर्थशास्त्र में डी.फिल किया। डॉ. सिंह और उनकी पत्नी गुरशरण कौर की तीन बेटियां हैं।

शिक्षा से लेकर प्रधानमंत्री तक का सफर

  • 1954 : पंजाब विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की।
  • 1957: कैम्ब्रिज विवि से इकॉनॉमिक्स ट्रिपोस।
  • 1962: ऑक्सफोर्ड विवि से अर्थशास्त्र में डी.फिल।
  • 1971: वाणिज्य मंत्रालय में आर्थिक सलाहकार के रूप में भारत सरकार में शामिल हुए।
  • 1972: वित्त मंत्रालय में मुख्य आर्थिक सलाहकार।
  • 1980-82: योजना आयोग के सदस्य।
  • 1982-1985 : भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर।
  • 1985-87: योजना आयोग के उपाध्यक्ष रहे।
  • 1987-90 : जिनेवा में दक्षिण आयोग के महासचिव।
  • 1990: आर्थिक मामलों पर पीएम के सलाहकार।
  • 1991: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष।
  • 1991-96: नरसिम्हा राव सरकार में वित्त मंत्री।
  • 1991: असम से राज्यसभा के लिए चुने गए।
  • 1995, 2001, 2007 और 2013 में फिर से राज्यसभा सदस्य चुने गए।
  • 1998-2004: राज्यसभा में विपक्ष के नेता।
  • 2004-2014: भारत के प्रधानमंत्री।

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