
इंदौर। विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस को इंदौर में विश्व पोहा दिवस के रूप में मनाया गया। इस दौरान नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और महापौर पुष्यमित्र भार्गव के साथ बड़ी संख्या में इंदौरी पोहा प्रेमी पोहे का स्वाद लेने पहुंचे, इस दौरान विधायक रमेश मेंदोला भी मौजूद थे। विजयवर्गीय ने कहा, मुझे बचपन से ही पोहे खाने का शौक है। नंदा नगर से जब कुश्ती खेलने आते थे तो 15 पैसे में जेल रोड पर प्रशांत के पोहे खाते थे, आज भी पोहा हमें उतना ही प्रिय है। भले अब पोहे का भाव बढ़कर 20 रुपए प्लेट हो गए हो।
विजयवर्गीय ने अभिभावकों को सलाह दी कि वे बच्चों को पिज्जा, बर्गर जैसे फूड आइटमों से दूर ही रखें, यह स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं हैं। मैदा बच्चों के लिए जहर है, बच्चों को पोहे के बारे में बताएं उनके साथ पोहे खाएं। मैं पोहे की मार्केटिंग कर रहा हूं।
अगले साल का भी ऐलान
विजयवर्गीय ने कहा कि इस साल राजवाड़ा पर पार्टी हुई। अगले साल पोहा डे पर शहर के अगल-अलग क्षेत्रों में पोहा पार्टी की जाएगी। चौराहों पर पोहे मुफ्त खिलाए जाएंगे। विनोद जोशी ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर नाल नेहरू जब इंदौर आए थे तो उन्हें भी इंदौर के पोहे पसंद आए थे। पूर्व पीएम अटल जी को इंदौर के पोहे पसंद थे।
इंदौर में बनता है 7 तरह का पोहा, सभी की अपनी पहचान
इंदौर में सात तरह से पोहा बनाया जाता है। खासियत ये है कि हर एक दुकान का अपना अलग स्वाद होता है।
पोहा कैलोरी से भरपूर
जानकारी के मुताबिक एक कटोरी पोहा खाने से लगभग 250 कैलोरी मिलती है। सब्जियों, मूंगफली, नारियल और नींबू डालकर खाने से फाइबर, विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट मिलता है। यह आयरन और विटामिन, विशेष रूप से विटामिन बी 1 देता है।
हम पहले भी पोहा पार्टी कर चुके हैं, यह इंदौरियों का पंसदीदा नाश्ता है, राजवाड़ा पर शहरवासियों के साथ पोहे का नाश्ता कर इसके प्रचार को बढ़ावा दिया है। हमारे शहर की अर्थ व्यवस्था का बड़ा हिस्सा पोहा है, इससे कई लोगों को रोजगार मिला है। -पुष्यमित्र भार्गव, महापौर