
देशभर में हिजाब विवाद को लेकर बहस और हंगामा जारी है। दुनिया भर से इसपर प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। मंगलवार को हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान भड़की हिंसा के बाद नोबल शांति पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा है कि, हिजाब पहनकर मुस्लिम लड़कियों को स्कूल जाने से रोकना भयावह है।
मलाला ने ट्वीट कर कही ये बात
कॉलेज में हमें पढ़ाई और हिजाब के बीच किसी एक का चयन करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। हिजाब में लड़कियों को स्कूल जाने से मना करना भयावह है। कम या ज्यादा कपड़े पहनने के लिए महिलाओं का अपमान किया जाता है। भारतीय नेताओं को मुस्लिम महिलाओं को हाशिये पर जाने से रोकना चाहिए।
क्या है विवाद
हिजाब विवाद कर्नाटक के उडुपी के मणिपाल स्थित महात्मा गांधी मेमोरियल कॉलेज से शुरू हुआ था। शहर के प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज में 6 छात्राओं को हिजाब पहनने की वजह से कक्षा में प्रवेश नहीं दिया गया था। कॉलेज प्रशासन ने इसका कारण ड्रेस में समानता को रखना बताया है। इसके बाद इसी तरह के मामले कुंडापुर और बिंदूर के कुछ अन्य कॉलेजों में भी आए। राज्य में ऐसी कई घटनाएं हुई हैं। कई संस्थानों में छात्राओं ने हिजाब पहनकर आना शुरू किया तो इसके विरोध में छात्र भगवा गमछा पहनकर आने लगे।
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कोर्ट ने कहा संविधान ही हमारे लिए भगवद्गीता
स्कूल-कॉलेजों में हिजाब पहना जा सकता है या नहीं, इस बात को लेकर कर्नाटक हाई कोर्ट सुनवाई कर रहा है। मामले पर सुनवाई करते हुए जस्टिस कृष्णा दीक्षित ने कहा कि अदालत कारणों और कानून के हिसाब से कार्य करेगी न कि किसी जुनून या भावनाओं के हिसाब से। कोर्ट ने आगे कहा कि जो संविधान कहेगा हम वही करेंगे, संविधान ही हमारे लिए भगवद्गीता है। सभी याचिकाओं पर एक फैसला ही लागू होगा। इस पर आगे की सुनवाई बुधवार यानी आज होगी।
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राज्य में स्कूल-कॉलेज तीन दिन तक बंद
हाईकोर्ट में मंगलवार को मामले की सुनवाई के दौरान विभिन्न स्थानों पर हुए विवाद को देखते हुए कर्नाटक के सीएम बसवराज बोम्मई ने राज्य के सभी हाई स्कूल और कॉलेजों को 3 दिनों के लिए बंद करने के आदेश दिया है। साथ ही छात्रों और स्कूल-कॉलेज प्रबंधन से शांति बनाए रखने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से इस बात की जानकारी दी।