
मुंबई। मानहानि केस में शिवसेना सांसद (उद्धव गुट) संजय राउत दोषी करार दिए गए हैं। मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट मझगांव ने उन्हें 15 दिन की कैद की सजा सुनाई गई है। इसके साथ-साथ कोर्ट ने संजय राउत पर 25 हजार का जुर्माना भी लगाया है। भाजपा नेता किरीट सोमैया की पत्नी डॉ. मेधा सोमैया की याचिका पर मुंबई के शिवड़ी कोर्ट में सुनवाई के दौरान यह फैसला सुनाया गया।
क्या था आरोप
राउत को भारतीय दंड संहिता की धारा 500 के तहत मानहानि का दोषी ठहराया गया है। मुंबई के रुइया कॉलेज में ऑर्गेनिक केमिस्ट्री की प्रोफेसर मेधा ने राउत के खिलाफ धारा 499 (किसी तरह का आरोप लगाना या प्रकाशित करना) और 500 (मानहानि) के तहत कार्रवाई की मांग की थी। राउत ने उन पर और उनके एनजीओ युवा प्रतिष्ठान पर 100 करोड़ रुपए के शौचालय घोटाले का आरोप लगाया है।
मेधा सोमैया ने उनके आरोपों को खारिज कर दिया और उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। जिसके बाद कोर्ट ने संजय राउत के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था।
संजय राउत ने क्या आरोप लगाए थे
शिवसेना के मुखपत्र सामना ऑनलाइन में संजय राउत ने 12 अप्रैल 2022 को किरीट सोमैया की पत्नी मेधा सोमैया पर एक लेख लिखा। उन्होंने लिखा- ”मेधा सोमैया ने पॉलिटिकल पावर का इस्तेमाल कर मीरा-भायंदर इलाके में 16 शौचालय के निर्माण का कॉन्ट्रैक्ट लिया। इस कॉन्ट्रैक्ट का इस्तेमाल कर मेधा सोमैया ने करोड़ों रुपए का घोटाला किया था।”
यह लेख सामने आने के बाद मेधा सोमैया ने कहा कि, ”मेरी छवि खराब हुई है और मुझे काफी मानसिक पीड़ा का सामना करना पड़ा। इसके बाद से मेरे रिश्तेदार और मित्र सभी मुझे शक की नजर से देखने लगे हैं। लोग मुझसे तरह-तरह के सवाल पूछते हैं, मेरे मान को ठेस पहुंची है। इससे मेरी और परिवार की समाज में बदनामी हुई और मेरी छवि धूमिल हुई। इससे मेरी मानहानि हुई।”
सबूत नहीं दे पाए संजय राउत
किरीट सोमैया ने संजय राउत को इस आरोप का सबूत देने की चुनौती दी थी। लेकिन संजय राउत कोई सबूत नहीं दे पाए। जिसके बाद मेधा सोमैया ने संजय राउत के खिलाफ 100 करोड़ रुपए का मानहानि का केस दायर किया था। सोमैया ने आरोप लगाया कि राउत ने अगले दिन 16 अप्रैल को आरोपों को दोहराते हुए इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को इंटरव्यू दिया।
सोमैया अपने दावों के समर्थन में अदालत को राउत के इंटरव्यू की वीडियो क्लिप सौंपी। उन्होंने कहा कि हमारी छवि को खराब करने की कोशिश की गई।