
मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के 11 दिन बाद बुधवार को नए CM का ऐलान हो गया है। इसी के साथ पीपुल्स अपडेट की खबर पर भी मुहर लग गई है। पीपुल्स अपडेट ने 26 नवंबर को ही दिल्ली और महाराष्ट्र के अपने विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री के तौर पर देवेंद्र फडणवीस के नाम की पुष्टी कर दी थी। हालांकि, मान-मनौवल के चलते आधिकारिक ऐलान में देरी हुई। वहीं देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात के बाद एकनाथ शिंदे डिप्टी सीएम के पद के लिए राजी हो गए हैं।
शिंदे डिप्टी CM बनने को राजी
देवेंद्र फडणवीस ने 3 दिसंबर की शाम को सीएम हाउस वर्षा में कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बैठक में शिंदे डिप्टी CM बनने को राजी हो गए हैं। शिंदे, फडणवीस और एनसीपी नेता अजीत पवार 5 दिसंबर को मुंबई में होने वाली एक भव्य शपथ ग्रहण समारोह में शपथ लेंगे। वहीं महायुति में शामिल बीजेपी, शिवसेना और एनसीपी कोटे में किसके-कितने मंत्री होंगे। इसको लेकर जल्द ही विधायक दल की बैठक में फैसला होगा।
महायुति के 31 नेता ले सकते हैं शपथ
महाराष्ट्र चुनाव के नतीजे 23 नवंबर को आए थे। महायुति यानी भाजपा-शिवसेना शिंदे-NCP पवार को 230 सीटों का भारी बहुमत मिला। महायुति में एक CM और दो डिप्टी CM का फॉर्मूला तय किया गया है। 5 दिसंबर को बीजेपी के 19, NCP के 7 और शिवसेना के 5 नेता शपथ ले सकते हैं।
5 दिसंबर को होगा शपथ ग्रहण
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे आए हुए 8 दिन हो चुके हैं, लेकिन मुख्यमंत्री पद को लेकर अभी तक स्थिति साफ नहीं हुई है। महायुति गठबंधन के अंदर चल रहे मुद्दों ने राजनीतिक स्थिति को उलझा दिया है। इस बीच, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने घोषणा की है कि नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 5 दिसंबर को मुंबई के आजाद मैदान में होगा। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी समारोह में मौजूद होंगे।
गृह मंत्रालय को लेकर टकराव
महायुति के अंदर सबसे बड़ा विवाद गृह मंत्रालय को लेकर है। महाराष्ट्र डिप्टी सीएम रहते हुए देवेंद्र फडणवीस के पास पहले से ही यह मंत्रालय था और वे इसे छोड़ना नहीं चाहते। वहीं दूसरी ओर, शिंदे गुट का तर्क है कि अगर डिप्टी सीएम का पद उन्हें मिल रहा है तो गृह मंत्रालय भी उन्हें दिया जाना चाहिए। इस मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई बैठक में भी समाधान नहीं निकला।
मंत्रालयों के बंटवारे में किसे क्या मिलने की उम्मीद
सूत्रों के मुताबिक, भाजपा गृह, राजस्व, उच्च शिक्षा, कानून, ऊर्जा, और ग्रामीण विकास मंत्रालय अपने पास रखना चाहती है। शिवसेना को हेल्थ, शहरी विकास, सार्वजनिक कार्य और उद्योग जैसे विभाग देने का प्रस्ताव है। वहीं, अजित पवार गुट को वित्त, योजना, सहयोग और कृषि मंत्रालय की पेशकश की गई है। बावजूद इसके, गठबंधन के भीतर मंत्रालयों के बंटवारे को लेकर खींचतान जारी है।
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