
मुंबई। महाराष्ट्र में बीजेपी की अगुवाई वाले महायुति ने विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत हासिल की है। सूबे का नया मुख्यमंत्री कौन होगा? इस पर अभी मंथन जारी है। इसी बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन से मिलकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके साथ डिप्टी CM देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार भी मौजूद थे।
दरअसल, विधानसभा का कार्यकाल आज यानी 26 नवंबर तक ही है। हालांकि, नए मुख्यमंत्री की शपथ की तारीख तय नहीं है। तब तक एकनाथ शिंदे कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहेंगे।
सूत्रों के मुताबिक, नए मुख्यमंत्री के लिए देवेंद्र फडणवीस का नाम लगभग फाइनल हो चुका है। आज ही उनके नाम का ऐलान होगा। नई सरकार में शिवसेना (शिंदे गुट) और NCP (अजीत गुट) से एक-एक डिप्टी CM होंगे। अजित पवार NCP की ओर से और शिवसेना की ओर से शिंदे किसी विधायक का नाम आगे कर सकते हैं।
राज्यपाल ने कार्यवाहक सीएम के तौर पर सेवाएं देने को कहा
गौरतलब है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिला है और राज्य में नbZ सरकार बनाने की गतिविधियां चल रही हैं, जिसके कारण शिंदे ने अपना इस्तीफा दे दिया। इसके साथ ही राज्य में नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया है। राज्य में मौजूदा सरकार का कार्यकाल आज खत्म हो रहा है। शिंदे, देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार के साथ राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन के आवास पर पहुंचे और उन्हें अपना इस्तीफा सौंप। इस बीच, राज्यपाल ने शिंदे को राज्य में नई सरकार के गठन तक कार्यवाहक के रूप में काम करने को कहा है।
फडणवीस और शिंदे में टक्कर
चुनाव परिणामों के बाद महाराष्ट्र में सबसे बड़ा सवाल मुख्यमंत्री पद को लेकर है। भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस और शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता एकनाथ शिंदे इस दौड़ में सबसे आगे हैं। शिंदे गुट का दावा है कि चुनाव में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही और महायुति का चेहरा एकनाथ शिंदे थे, इसलिए उन्हें मुख्यमंत्री पद मिलना चाहिए। वहीं, भाजपा समर्थक यह तर्क दे रहे हैं कि फडणवीस ने पार्टी की स्थिति को मजबूत किया है और पहले भी मुख्यमंत्री पद से समझौता किया है।
शपथ ग्रहण में सीएम और डिप्टी सीएम लेंगे हिस्सा
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शपथ ग्रहण समारोह में केवल मुख्यमंत्री और उनके डिप्टी सीएम शपथ लेंगे। कैबिनेट में शामिल अन्य मंत्रियों के नामों पर अभी चर्चा बाकी है। देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई विवाद नहीं होगा और गठबंधन के तीनों दल मिलकर फैसला करेंगे।
क्या 2019 की तरह होगा विवाद
मौजूदा स्थिति 2019 के विधानसभा चुनावों के बाद की परिस्थितियों की याद दिला रही है। उस समय भाजपा और उद्धव ठाकरे की शिवसेना के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर मतभेद हो गए थे, जिसके चलते शिवसेना ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ गठबंधन कर सरकार बनाई थी। ऐसे में क्या शिंदे गुट भी भाजपा से नाराज होकर कोई बड़ा कदम उठाएगा।
एनसीपी के प्रदर्शन से बदला समीकरण
इस बार के चुनाव में अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी ने भी अच्छा प्रदर्शन किया है, जिससे महायुति के पास पर्याप्त बहुमत है। भाजपा को सत्ता बनाए रखने के लिए अपने दो सहयोगियों में से किसी एक का समर्थन ही पर्याप्त है। यह स्थिति शिंदे गुट की सौदेबाजी क्षमता को प्रभावित कर सकती है।
शिंदे और फडणवीस की प्रतिक्रियाएं
एकनाथ शिंदे ने मुख्यमंत्री पद को लेकर जवाब देते हुए कहा कि गठबंधन के नेता बैठकर इस पर फैसला करेंगे। ठीक वैसे ही, जैसे सीटों को बटवारे के समय हुआ था। वहीं, देवेंद्र फडणवीस ने भी कहा कि इस पर कोई भ्रम नहीं है और फैसला सभी नेताओं की सहमति से होगा।