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Maharashtra Election 2024 : महाराष्ट्र में महायुति की शानदार जीत, क्या मुख्यमंत्री पद को लेकर हो सकती है खींचतान?

मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 में भाजपा नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। 288 सीटों वाली विधानसभा में महायुति ने 227 सीटों पर कब्जा जमाया, जबकि कांग्रेस गठबंधन महज 55 सीटों पर सिमट गया। चुनावी जीत के बाद महायुति सरकार बनाने की ओर अग्रसर है। शिवसेना (शिंदे गुट) के वरिष्ठ नेता दीपक केसरकर ने संकेत दिए हैं कि शपथ ग्रहण समारोह सोमवार को आयोजित किया जा सकता है। ऐसे में सीएम पद के उम्मीदवार को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। भाजपा ने 149 में से 133 सीटें अपने नाम की है, जिस वजह से सीएम पद को लेकर बीजेपी की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है।

भाजपा आलाकमान के मीटिंग के बाद होगा CM के नाम का ऐलान

महायुति से CM पद के उम्मीदवार की अभी तक घोषणा नहीं हुई है। विधानसभा का कार्यकाल 26 नवंबर को खत्म हो रहा है, इसलिए इससे पहले सरकार गठित होनी है। सरकार का चेहरा यानी मुख्यमंत्री का नाम तय करने के लिए देवेंद्र फडणवीस, एकनाथ शिंदे और अजित पवार रविवार शाम को दिल्ली रवाना होंगे। भाजपा आलाकमान के साथ मीटिंग के बाद सीएम के नाम का ऐलान हो सकता है। सीएम के नाम के ऐलान के बाद कल मुंबई, राजभवन में शपथग्रहण समारोह हो सकता है।

फडणवीस और शिंदे में टक्कर

चुनाव परिणामों के बाद महाराष्ट्र में सबसे बड़ा सवाल मुख्यमंत्री पद को लेकर है। भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस और शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता एकनाथ शिंदे इस दौड़ में सबसे आगे हैं। शिंदे गुट का दावा है कि चुनाव में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही और महायुति का चेहरा एकनाथ शिंदे थे, इसलिए उन्हें मुख्यमंत्री पद मिलना चाहिए। वहीं, भाजपा समर्थक यह तर्क दे रहे हैं कि फडणवीस ने पार्टी की स्थिति को मजबूत किया है और पहले भी मुख्यमंत्री पद से समझौता किया है।

शपथ ग्रहण में सीएम और डिप्टी सीएम लेंगे हिस्सा

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शपथ ग्रहण समारोह में केवल मुख्यमंत्री और उनके डिप्टी सीएम शपथ लेंगे। कैबिनेट में शामिल अन्य मंत्रियों के नामों पर अभी चर्चा बाकी है। देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई विवाद नहीं होगा और गठबंधन के तीनों दल मिलकर फैसला करेंगे।

क्या 2019 की तरह होगा विवाद

मौजूदा स्थिति 2019 के विधानसभा चुनावों के बाद की परिस्थितियों की याद दिला रही है। उस समय भाजपा और उद्धव ठाकरे की शिवसेना के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर मतभेद हो गए थे, जिसके चलते शिवसेना ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ गठबंधन कर सरकार बनाई थी। ऐसे में क्या शिंदे गुट भी भाजपा से नाराज होकर कोई बड़ा कदम उठाएगा।

एनसीपी के प्रदर्शन से बदला समीकरण

इस बार के चुनाव में अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी ने भी अच्छा प्रदर्शन किया है, जिससे महायुति के पास पर्याप्त बहुमत है। भाजपा को सत्ता बनाए रखने के लिए अपने दो सहयोगियों में से किसी एक का समर्थन ही पर्याप्त है। यह स्थिति शिंदे गुट की सौदेबाजी क्षमता को प्रभावित कर सकती है।

शिंदे और फडणवीस की प्रतिक्रियाएं

एकनाथ शिंदे ने मुख्यमंत्री पद को लेकर जवाब देते हुए कहा कि गठबंधन के नेता बैठकर इस पर फैसला करेंगे। ठीक वैसे ही, जैसे सीटों को बटवारे के समय हुआ था। वहीं, देवेंद्र फडणवीस ने भी कहा कि इस पर कोई भ्रम नहीं है और फैसला सभी नेताओं की सहमति से होगा।

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