
प्रयागराज। महाकुंभ का आज 12वां दिन है। अब तक 10 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगा चुके हैं। महाकुंभ में आज से बाहरी गाड़ियों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है। गणतंत्र दिवस की छुट्टी के मद्देनजर, शनिवार और रविवार को शहर में बाहरी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। श्रद्धालुओं को ई-रिक्शा या सार्वजनिक परिवहन से मेला क्षेत्र में पहुंचने की व्यवस्था की गई है।
वहीं महाकुंभ में पहली बार 2500 ड्रोन से विशेष शो होगा। यह शो 24, 25 और 26 जनवरी को आयोजित किया जाएगा। सीएम योगी शुक्रवार को महाकुंभ पहुंचेंगे और मौनी अमावस्या स्नान की तैयारियों की जांच करेंगे। इसी बीच यति नरसिंहानंद ने भविष्य में देश की राजनीतिक स्थिति को लेकर बयान दिया है।
बाहरी गाड़ियों की एंट्री बैन
24 जनवरी यानी आज से प्रयागराज में बाहर से आने वाली गाड़ियों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। गणतंत्र दिवस की छुट्टी के कारण शनिवार और रविवार को भी यह प्रतिबंध लागू रहेगा। श्रद्धालुओं को अपनी गाड़ियों को शहर के बाहर पार्क करना होगा और फिर ई-रिक्शा या सार्वजनिक परिवहन से मेला क्षेत्र तक जाना होगा।
पार्किंग पॉइंट्स:
- जौनपुर से आ रहे: सहसों से गारापुर होकर चीनी मिल झूंसी और पूरेसूरदास पार्किंग में गाड़ी के लिए पार्किंग व्यवस्था की गई है।
- वाराणसी से आ रहे: कनिहार रेलवे अंडरब्रिज, शिवपुर उस्तापुर, पटेल बाग और कान्हा मोटर्स पार्किंग में गाड़ी के लिए पार्किंग व्यवस्था की गई है।
- मिर्जापुर से आ रहे: देवरख उपरहार और सरस्वती हाईटेक पार्किंग।
- रीवा मार्ग से आ रहे: नैनी एग्रीकल्चर इंस्टीट्यूट और नव प्रयागम पार्किंग में गाड़ी के लिए पार्किंग व्यवस्था की गई है।
- कानपुर से आ रहे: नवाबगंज, मलाक हरहर, सिक्सलेन होते हुए बेली कछार और बेला कछार में पार्किंग।
- कौशाम्बी मार्ग से आ रहे: नेहरू पार्क और एयरफोर्स मैदान में पार्किंग।
- प्रतापगढ़ और लखनऊ से आ रहे: बेली कछार और बेला कछार तक पहुंच सकेंगे, इसके बाद सार्वजनिक परिवहन से मेला क्षेत्र जाना होगा।
यति बोले- 2035 तक मुस्लिम होगा प्रधानमंत्री
गुरुवार को डासना मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती ने महाकुंभ में कहा कि, अगर देश की परिस्थितियां नहीं बदलतीं, तो 2035 तक प्रधानमंत्री एक मुस्लिम हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई एक ही बच्चा पैदा करता है, तो समाज के लिए वह पर्याप्त नहीं है। उनका मानना था कि, एक बेटा पैदा करने से अच्छा है कि संतान ही न हो। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि, संसद में कोई ऐसा नेता नहीं है जो हिंदुओं की समस्याएं उठाए, केवल यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ही ऐसे नेता हैं जो अंत तक हिंदुओं के साथ खड़े रहेंगे। इसके अलावा, काशी विद्वत परिषद ने हिंदुओं के लिए नई आचार संहिता बनाई है, जो महाकुंभ में जारी की जाएगी।
26 फरवरी तक चलेगा महाकुंभ
यह महाकुंभ 12 साल बाद हो रहा है, लेकिन संतों का कहना है कि इस बार 144 साल बाद एक बेहद खास मुहूर्त बना है, जो समुद्र मंथन के दौरान हुआ था। यह महाकुंभ 13 जनवरी से शुरू होकर 26 फरवरी तक चलेगा। इस धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजन में 45 दिन के दौरान 45 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्रालय के अनुसार, इस बार महाकुंभ में 15 लाख से ज्यादा विदेशी श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।
महाकुंभ में इन तारीख को होगा शाही स्नान
महाकुंभ का पहला शाही स्नान 13 जनवरी (पूस पूर्णिमा )के दिन होगा।
- 14 जनवरी (मकर संक्रांति )के दिन शाही स्नान।
- 29 जनवरी (मोनी अमावस्या) के दिन शाहीस्नान।
- 03 फरवरी (बसंत पंचमी) के दिन शाही स्नान।
- 12 फरवरी (माघी पूर्णिमा) के दिन शाही स्नान।
- 26 फरवरी (महाशिवरात्रि )के दिन शाही स्नान किया जाएगा।
महाकुंभ को लेकर क्या है मान्यता
मान्यता है कि, कुंभ मेले में स्नान करने से पापों से मुक्ति मिलती है। समुद्र मंथन से जो अमृत निकला, उसे पाने के लिए देवताओं और राक्षसों के बीच 12 साल तक युद्ध हुआ। इस युद्ध के दौरान अमृत की कुछ बूंदें जिन-जिन स्थानों पर गिरीं, वहां कुंभ मेला आयोजित होता है। चूंकि युद्ध 12 साल तक चला, इसलिए कुंभ मेला हर 12 साल में एक बार होता है। महाकुंभ के स्नान को शाही स्नान के नाम से जाना जाता है।
144 साल बाद बन रहा ये दुर्लभ संयोग
प्रयागराज में होने वाला महाकुंभ बेहद खास माना जा रहा है, क्योंकि इस बार 144 साल बाद एक दुर्लभ संयोग बन रहा है। जिसका संबंध समुद्र मंथन से माना जाता है, जिस दौरान देवताओं और राक्षसों ने अमृत के लिए संघर्ष किया था। इस दिन सूर्य, चंद्रमा और बृहस्पति ग्रहों की शुभ स्थिति बन रही है जो कि उस समय समुद्र मंथन के दौरान भी बनी थी।