
प्रयागराज में चल रहा महाकुंभ 2025 अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। हर दिन लाखों श्रद्धालु संगम में पुण्य की डुबकी लगाने के लिए उमड़ रहे हैं। आगामी 26 फरवरी 2025 को महाकुंभ का समापन होगा और इसी दिन महाशिवरात्रि का आखिरी अमृत स्नान भी है। इस दौरान श्रद्धालुओं की संख्या में भारी इजाफा होने की संभावना है, जिसके मद्देनजर राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर कमर कस ली है।
सीएम योगी खुद लेंगे तैयारियों का जायजा
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 23 फरवरी को प्रयागराज पहुंचेंगे और महाकुंभ की व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे। मौनी अमावस्या पर हुई भगदड़ जैसी स्थिति न हो, इसके लिए सीएम योगी विशेष सतर्कता बरत रहे हैं। ये मुख्यमंत्री का 17वां प्रयागराज दौरा होगा, इससे पहले वे 16 बार महाकुंभ की तैयारियों की समीक्षा कर चुके हैं।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा योजना बनाई है। पुलिस, आरपीएफ, जीआरपी और कमांडो दस्तों की विशेष तैनाती रहेगी। भीड़ नियंत्रण के लिए सैकड़ों बसों और विशेष ट्रेनों की व्यवस्था की गई है। रेलवे स्टेशनों और घाटों पर भी विशेष सतर्कता बरती जाएगी।
हाई अलर्ट मोड रेलवे
महाकुंभ के आखरी अम्रत स्नान को देखते हुए रेलवे भी हाई अलर्ट मोड पर है। उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों – बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा और पूर्वोत्तर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रयागराज पहुंच रहे हैं। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन इस दौरान सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में से एक बन गया है। यहां से गुजरने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आरपीएफ और आरपीएसएफ के जवानों के साथ-साथ विशेष कमांडो दस्तों की तैनाती की गई है।
लोगों के लिए 1200 बसें रिजर्व
उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्य मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि महाशिवरात्रि स्नान के लिए 1,200 बसें रिजर्व रखी गई हैं, ताकि आने वाले श्रद्धालुओं को कोई असुविधा ना हो। इसके अलावा संगम क्षेत्र में 750 शटल बसें पहले से संचालित की जा रही हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रतिदिन लगभग 13 हजार क्यूसेक पानी गंगा बैराज से छोड़ा जा रहा है। महाकुंभ में अब तक करीब 58.87 करोड़ श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं।
महाशिवरात्रि पर भक्तों का सैलाब
महाशिवरात्रि के अवसर पर प्रयागराज में एक बार फिर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ने की संभावना है। वीकेंड होने के कारण भीड़ और बढ़ सकती है। प्रशासन ने जल, भोजन, परिवहन और चिकित्सा सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की है ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो। 26 फरवरी को महाकुंभ का समापन भव्य तरीके से होगा, और इसके साथ ही संगम नगरी की पावन भूमि एक और ऐतिहासिक आयोजन की गवाह बनेगी।
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